Azamgarh Voter List: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सूची में 13 गलतियां मिली है। जिसके बाद मामला गरमा गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले को लेकर पांच बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और एक कंप्यूटर असिस्टेंट को हटाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही उनकी सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूची तैयार करने में लापरवाही और निगरानी में ढिलाई को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 32 के तहत कार्रवाई होगा।
अखिलेश यादव ने उठाया था मामला
सीईओ कार्यालय के मुताबिक, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने 15 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया था। उनका आरोप था कि, विकास यादव नाम के एक व्यक्ति का नाम सूची में 10 बार दर्ज है। मामला सामने आने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आजमगढ़ के जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी थी। जिसकी रिपोर्ट शनिवार को आई। जिसमें 347-आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में विकास यादव नाम की 13 प्रविष्टियां मिलने की जानकारी दी गई। रिपोर्ट में यह भी जानकारी दी गई कि, इसी नाम और पिता के नाम वाला एक मतदाता गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा विधानसभा क्षेत्र का है। लेकिन, उसका नाम आजमगढ़ की सूची में दर्ज इन 13 नामों में शामिल नहीं है।
10 लोगों के नाम और जानकारी में सुधार शुरू
सीईओ कार्यालय के बयान के अनुसार, नियमों के तहत 13 गलत नामों में से दो को पहले ही हटाया जा चुका था। जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट में बताया गया कि बाकी 11 प्रविष्टियां आजमगढ़ के 11 अलग-अलग व्यक्तियों से जुड़ी हैं। यह सभी अपने-अपने गांवों में रह रहे हैं। इन 11 लोगों में वास्तविक विकास यादव को छोड़कर बाकी 10 व्यक्तियों के सही नाम और अन्य जानकारी सुधारने के लिए फॉर्म-8 भरा गया है।
एक हफ्ते में सभी विधानसभा क्षेत्रों की जांच के निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आजमगढ़ के जिला निर्वाचन अधिकारी को जिले की सभी विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की जांच के साथ एक हफ्ते के अंदर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले गुरुवार को सीईओ ने पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में 10,470 प्रविष्टियों में अनियमितताएं मिलने की जानकारी दी थी। इस मामले में दो ERO के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश के साथ ही, मतदाता पंजीकरण केंद्र में तैनात एक कंप्यूटर असिस्टेंट की सेवाएं समाप्त करने का ऐलान किया गया था। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी ने तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।



