Vaishno Devi helicopter service and pilgrims at Mata Vaishno Devi shrine
Vaishno Devi helicopter service and pilgrims at Mata Vaishno Devi shrine

Vaishno Devi Yatra: वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी खबर है। माता वैष्णो देवी धाम की हेलीकॉप्टर सेवा का किराया बढ़ने जा रहा है। मौजूदा किराए में करीब 15 फीसदी की बढ़ोतरी की तैयारी है। नए किराए 1 नवंबर से लागू हो सकते हैं। अभी एक तरफ का किराया 2,320 रुपये है, जो बढ़कर करीब 2,700 रुपये हो सकता है। वहीं, दोनों तरफ का टिकट 4,650 रुपये से बढ़कर करीब 5,400 रुपये हो सकता है। किराए में बढ़ोतरी की वजह एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में वृद्धि बताई जा रही है।

हेलीकॉप्टर किराए में बदलाव के साथ वैष्णो देवी यात्रा व्यवस्था में भी कई बदलाव किए जा रहे हैं। इनमें नया हेलीपैड, रोपवे परियोजना, RFID कार्ड की सख्ती और श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

1. नए हेलीपैड से शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा

नवरात्र के आसपास हेलीकॉप्टर सेवा ताराकोट मार्ग के पास बने नए हट हेलीपैड से शुरू होने की योजना है। भविष्य में इसी हेलीपैड से कटड़ा और शिवखोड़ी के बीच भी हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होनी है। फिलहाल कटड़ा से सांझी छत्त के बीच हेलीकॉप्टर सेवा कटड़ा के सेरली हेलीपैड से संचालित होती है।

2. कटड़ा से भवन तक रोपवे की तैयारी

भवन से भैरव घाटी के बीच रोपवे के बाद अब कटड़ा से वैष्णो देवी धाम तक भी रोपवे परियोजना पर काम किया जा रहा है। इस परियोजना की लागत 350 करोड़ रुपये बताई गई है। रोपवे परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं की यात्रा को सुविधाजनक बनाना है।

3. RFID कार्ड की व्यवस्था होगी और सख्त

यात्रा रजिस्ट्रेशन को सुरक्षित बनाने के लिए RFID कार्ड प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। अब बिना RFID कार्ड के यात्री बाणगंगा चेकप्वाइंट से आगे नहीं बढ़ सकेंगे। RFID कार्ड के जरिए यात्री की यात्रा को ट्रैक किया जाता है। इससे यात्रा व्यवस्था की निगरानी में मदद मिलती है।

4. श्रद्धालुओं को मिलेगा पंचमेवा प्रसाद

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशेष पंचमेवा प्रसाद की व्यवस्था की गई है। इसे माता के चरणों में अर्पित करने और भक्तों के बीच वितरित करने के लिए तैयार किया गया है। प्रसाद की पैकेजिंग ऑरेंज कलर की है। इसमें सूखे मेवे, पवित्र मौली और मां वैष्णो देवी के आशीर्वाद के प्रतीक के तौर पर विशेष सिक्का शामिल है।

5. चिनाब नदी किनारे क्रूज रेस्तरां

वैष्णो देवी और शिवखोड़ी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चिनाब नदी के किनारे क्रूज रेस्तरां भी शुरू किया गया है। पौनी मार्ग पर चिनाब ब्रिज के पास बने इस रेस्तरां में वेज खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। दर्शन के बाद श्रद्धालु यहां भोजन और नदी के किनारे के वातावरण का आनंद ले सकते हैं।

6. हेलीकॉप्टर सेवा का किराया होगा महंगा

सबसे बड़ा बदलाव हेलीकॉप्टर किराए में होने जा रहा है। मौजूदा समय में एक तरफ की यात्रा के लिए 2,320 रुपये देने होते हैं। करीब 15 फीसदी बढ़ोतरी के बाद यह किराया लगभग 2,700 रुपये हो सकता है। दोनों तरफ का मौजूदा किराया 4,650 रुपये है। बढ़ोतरी के बाद यह करीब 5,400 रुपये हो सकता है। यानी दोनों तरफ के किराए में करीब 750 रुपये का अंतर पड़ेगा। फिलहाल रोजाना दो कंपनियां हेलीकॉप्टर सेवा संचालित कर रही हैं। सामान्य दिनों में दोनों कंपनियों के हेलीकॉप्टर करीब 60 से 70 उड़ानें भरते हैं।

सुबह 7 से शाम 5 बजे तक सेवा

हेलीकॉप्टर सेवा सामान्य तौर पर सुबह करीब 7 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होती है। हालांकि, मौसम खराब होने पर सेवा को अस्थायी तौर पर रोका जा सकता है। एक हेलीकॉप्टर में एक समय में करीब 5 से 6 श्रद्धालु सवार हो सकते हैं। सांझी छत्त से माता के भवन की दूरी करीब 2 किलोमीटर है। जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं के लिए घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की सुविधा भी उपलब्ध रहती है।

कैसे बुक करें वैष्णो देवी हेलीकॉप्टर टिकट?

वैष्णो देवी हेलीकॉप्टर सेवा की ऑनलाइन टिकट बुकिंग श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए की जा सकती है। श्रद्धालु उपलब्ध स्लॉट के अनुसार टिकट बुक कर सकते हैं।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।