Vande Bharat Express: भारतीय रेलवे ने 2 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर में एक नया इतिहास रच दिया है। जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ने पहली बार दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से पार किया।
इसी हाई-स्पीड ट्रायल के दौरान ट्रेन ने भारत के पहले केबल-स्टेड अंजी ब्रिज को भी 100 किमी/घंटे की गति से सफलतापूर्वक पार किया। भारत में इतनी अधिक ऊंचाई वाले किसी रेल ट्रैक पर पहली बार किसी ट्रेन ने 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार दर्ज की है।
कटरा-बनिहाल रेल सेक्शन पर बढ़ाई गई रफ्तार
यह ऐतिहासिक उपलब्धि उस समय हासिल हुई है, जब रेलवे ने कटरा-बनिहाल रेल सेक्शन पर ट्रेनों की अधिकतम मंजूर स्पीड को बढ़ा दिया है। 2 अक्टूबर से ही इस पूरे रूट पर ट्रेनों की स्पीड लिमिट 75 और 85 किमी/घंटे से बढ़ाकर 100 किमी/घंटा कर दी गई है। नई स्पीड लिमिट लागू होते ही रेलवे ने वंदे भारत का 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर सफल टेस्ट किया, जिससे पहाड़ी इलाकों में ट्रेनों की गति बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
359 मीटर ऊंचा है दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब ब्रिज
जिस पुल पर वंदे भारत ने 100 की रफ्तार पकड़ी, वह इंजीनियरिंग की एक मिसाल है। चिनाब रेल ब्रिज नदी के तल से 359 मीटर (1,178 फीट) की ऊंचाई पर बना है और इसकी कुल लंबाई 1,315 मीटर है। यह पुल 120 साल की उम्र को ध्यान में रखकर बनाया गया है और यह 260 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं को आसानी से झेल सकता है। ऐसे जटिल और कठिन इलाके में 100 की स्पीड से ट्रेन चलाना रेलवे के लिए बहुत बड़ी सफलता है।
अंजी केबल ब्रिज पर भी मिला सफल रिजल्ट
इसी ट्रायल रन में वंदे भारत ने अंजी ब्रिज पर भी 100 किमी/घंटे की स्पीड दर्ज की। गहरी अंजी नदी घाटी के ऊपर बना यह पुल नदी के तल से 331 मीटर (1,086 फीट) ऊंचा है और 725 मीटर लंबा है। यह भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज है, जिसे 96 मजबूत हाई-टेंसाइल केबल्स का सहारा दिया गया है। अंजी ब्रिज कटरा-बनिहाल रेल सेक्शन का सबसे अहम और चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
यात्रियों के समय की होगी सीधी बचत
कठिन पहाड़ी रास्तों और कई सुरंगों से गुजरने वाले 111 किलोमीटर लंबे कटरा-बनिहाल सेक्शन पर स्पीड बढ़ने का सीधा फायदा रेल यात्रियों को मिलेगा। अब जम्मू और कश्मीर घाटी के बीच चलने वाली ट्रेनों का परिचालन पहले से ज्यादा तेज होगा, जिससे सफर के समय में काफी कमी आएगी। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (USBRL) के तहत चल रही 20 कोच वाली वंदे भारत ट्रेनों से अब जम्मू और श्रीनगर के बीच कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी।



