Thursday, January 20, 2022
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IIT कानपुर दीक्षांत समारोह में बोले PM मोदी – बिना टेक्नोलॉजी के जीवन अधूरा है, मगर रोबोट न बनें, मानवीय संवेदनाओं को रखें जिंदा

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टीआरपी डेस्क। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के दीक्षा समोराह में बतौर मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शामिल होने पहुंचे, इस दौरान आइआइटी निदेशक अभय करींदकर ने स्मृति चिह्न भेंट करके उनका स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौज़ूद रहें। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि ये दौर 21वीं सदी पूरी तरह टेक्नोलाजी वाला है, यह अलग अलग क्षेत्रों में अपना दबदबा बना रहा है। बिना टेक्नोलाजी के जीवन अधूरा है, अब जीवन और टेक्नोलाजी के स्पर्धा का युग है। टैलेंट और टेक्नोलाजी की इक्यूबेशन सेंटर हैं।

पीएम मोदी ने सभागार में मौजूद डिग्री हासिल करने वाले छात्रों को संबोधित करते हुए कहा आपने जब IIT कानपुर में प्रवेश लिया था और अब जब आप यहां से निकल रहे हैं, तब और अब में, आप अपने में बहुत बड़ा परिवर्तन महसूस कर रहे होंगे। मेरा आप पर भरोसा है। और मै आज इतनी बातें कह रहा हूं, इतनी चीजें कर रहा हूं तो मुझे उनमें आपका चेहरा नजर आता है। आज देश में एक के बाद एक बदलाव हो रहे हैं। उनके पीछे आपका ही चेहरा नजर आता है। आज जो देश लक्ष्य प्राप्त कर रहा है, उसकी शक्ति आपसे ही मिले।

मल्टीप्रोडक्ट पाइपलाइन परियोजना किया उद्घाटन

यहां आने से पहले एक Fear of Unknown होगा, एक Query of Unknown होगी. अब Fear of Unknown नहीं है, अब पूरी दुनिया को Explore करने का हौसला है. अब Query of Unknown नहीं है, अब Quest for the best है, पूरी दुनिया पर छा जाने का सपना है। इसके साथ ही पीएम कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के पूर्ण खंड और बीना-पनकी मल्टीप्रोडक्ट पाइपलाइन परियोजना का भी उद्घाटन किया। वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, शहरी गतिशीलता में सुधार करना पीएम मोदी के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में से एक रहा है।

स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों के गौरव की – पीएम मोदी

पीएम ने कहा , कानपुर भारत के उन कुछ चुनिंदा शहरों में से है, जो इतना डाइवर्स है। सत्ती चौरा घाट से लेकर मदारी पासी तक, नाना साहब से लेकर बटुकेश्वर दत्त तक, जब हम इस शहर की सैर करते हैं तो ऐसा लगता है, जैसे हम स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों के गौरव की, उस गौरवशाली अतीत की सैर कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि 1930 के उस दौर में जो 20-25 साल के नौजवान थे, 1947 तक उनकी यात्रा और 1947 में आजादी की सिद्धि, उनके जीवन का गोल्डन फेज थी। आज आप भी एक तरह से उस जैसे ही गोल्डन एरा में कदम रख रहे हैं। जैसे ये राष्ट्र के जीवन का अमृतकाल है, वैसे ही ये आपके जीवन का भी अमृतकाल है।

पीएम ने कहा कि ये दौर, ये 21वीं सदी, पूरी तरह टेक्नॉलजी ड्रिवन है। इस दशक में भी टेक्नॉलजी अलग-अलग क्षेत्रों में अपना दबदबा और बढ़ाने वाली है।बिना टेक्नॉलजी के जीवन अब एक तरह से अधूरा ही होगा. ये जीवन और टेक्नॉलजी की स्पर्धा का युग है और मुझे विश्वास है कि इसमें आप जरूर आगे निकलेंगे।

समस्याओं के समाधान के लिए जाते हैं संकल्प

पहले अगर सोच काम चलाने की होती थी, तो आज सोच कुछ कर गुजरने की, काम करके नतीजे लाने की है। पहले अगर समस्याओं से पीछा छुड़ाने की कोशिश होती थी, तो आज समस्याओं के समाधान के लिए संकल्प लिए जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, देश की आजादी को 25 साल हुए, तब तक हमें भी अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए बहुत कुछ कर लेना चाहिए था। तब से लेकर अब तक बहुत देर हो चुकी है, देश बहुत समय गंवा चुका है। बीच में 2 पीढ़ियां चली गईं इसलिए हमें 2 पल भी नहीं गंवाना है।

बिना तकनीक के जीवन एक तरह से अधूरा

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले 25 सालों में भारत के विकास यात्रा की बागडोर आपको ही संभालनी होगी।जब आप अपने जीवन के 50 साल पूरा कर रहे होंगे उस समय का भारत कैसा होगा उसके लिए आपको अभी से काम करना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कानपुर IIT ने आपको वह ताक़त दी है कि अब आपको अपने सपने पूरा करने से कोई नहीं रोक सकता है। 21वीं सदी पूरी तरह से प्रौद्योगिकी संचालित है। इस दशक में भी तकनीक अलग-अलग क्षेत्रों में अपना दबदबा और बढ़ाने वाली है। बिना तकनीक के अब जीवन एक तरह से अधूरा होगा।

पारस्परिक सहयोग के अनेक उदाहरण किए पेश

पीएम ने कहा कि आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बनकर उभरा है। कईं स्टार्टअप तो हमारे IIT के युवाओं ने शुरू किए हैं। आप सभी से आग्रह है कि आप अपने स्वयं के रोबोट वर्जन कभी ना बनें। आप अपनी मानवीय संवेदनाओं, कल्पनाओं और जिज्ञासा को हमेशा जिंदा रखिए। इससे पहले IIT कानपुर के 54वें दीक्षांत समारोह में CM योगी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए इस देश ने 2020 में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया है। IIT कानपुर ने राज्य सरकार के साथ पारस्परिक सहयोग के अनेक उदाहरण पेश किए हैं।

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