Chhattisgarh Political News: छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठन को मजबूत बनाने और साल 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज करने की कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत पार्टी के पुराने पदाधिकारियों और पूर्व जनप्रतिनिधियों को फिर से संगठन की गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी 25 और 26 अक्टूबर को रायपुर में विभिन्न संगठनात्मक बैठकों में शामिल होंगी। इस दौरान वह पूर्व विधायकों और पूर्व सांसदों से अलग-अलग वन-टू-वन चर्चा भी करेंगी।
भाजपा नेतृत्व 2013 से 2018 के बीच विधायक रहे नेताओं और 2014 से 2019 के बीच सांसद रहे जनप्रतिनिधियों से से वे चर्चा करेंगी है। इन बैठकों में पुराने नेताओं के अनुभव, सुझाव और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। पार्टी की कोशिश है कि लंबे समय तक राजनीति और संगठन में सक्रिय रहे नेताओं को दोबारा सक्रिय भूमिका देकर उनके अनुभवों का लाभ लिया जाए।
25 और 26 अक्टूबर को रायपुर में बैठकें
भाजपा की प्रदेश प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी 25 और 26 अक्टूबर को रायपुर में संगठन की अलग-अलग बैठकों में शामिल होंगी। इन बैठकों में प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों, मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और विभिन्न मोर्चों के प्रतिनिधियों से चर्चा होगी। संगठन के पुराने पदाधिकारियों को भी बातचीत के लिए बुलाने की तैयारी है, ताकि प्रदेश में पार्टी की मौजूदा स्थिति का आकलन किया जा सके।
पूर्व सांसदों और विधायकों से वन-टू-वन चर्चा
स्मृति ईरानी पूर्व विधायकों और पूर्व सांसदों के साथ अलग-अलग व्यक्तिगत बैठकें करेंगी। इस दौरान संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रदेश में पार्टी के कामकाज से जुड़े विषयों पर सुझाव लिए जा सकते हैं। व्यक्तिगत संवाद के जरिए पुराने नेताओं की राय जानने और उन्हें संगठन की आगामी गतिविधियों से जोड़ने पर जोर रहेगा।
मिशन 2028 के लिए संगठन की तैयारी
छत्तीसगढ़ में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा संगठन अपनी रणनीति तैयार करने में जुटा है। पुराने नेताओं से बातचीत के दौरान जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति, कार्यकर्ताओं की भूमिका और संगठनात्मक तालमेल जैसे मुद्दे अहम रह सकते हैं। अनुभवी नेताओं को साथ लेकर संगठन को अधिक सक्रिय बनाना इस कवायद का प्रमुख उद्देश्य माना जा रहा है।



