Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव अभी करीब दो साल दूर हैं, लेकिन कांग्रेस में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चर्चा ने अभी से राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। अंबिकापुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्यमंत्री पद के लिए चार वरिष्ठ नेताओं के नाम गिनाए। इसके बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने खुद बैज का नाम भी संभावित दावेदारों की चर्चा में जोड़ दिया।
कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर के दौरान मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर सवाल पूछे जाने पर दीपक बैज ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू के नाम लिए। बैज ने कहा कि पार्टी में कई नेता मुख्यमंत्री बनने की क्षमता रखते हैं, लेकिन अंतिम फैसला कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
सिंहदेव ने जोड़ा पांचवां नाम
बैज के बयान के बाद टीएस सिंहदेव ने मुख्यमंत्री चेहरे की चर्चा में दीपक बैज का नाम भी जोड़ दिया। सिंहदेव ने कहा कि बैज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं और इस लिहाज से वह भी स्वाभाविक दावेदार हैं। इस बयान के बाद चर्चा चार वरिष्ठ नेताओं से आगे बढ़कर पांच नामों तक पहुंच गई। हालांकि कांग्रेस ने 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी किसी नेता को आधिकारिक मुख्यमंत्री चेहरा घोषित नहीं किया है।
2018 में भी इन्हीं चार नामों की थी चर्चा
यह पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस में इन चार वरिष्ठ नेताओं के नाम मुख्यमंत्री पद के संदर्भ में सामने आए हैं। 2018 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद भी भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, चरणदास महंत और ताम्रध्वज साहू के नाम मुख्यमंत्री पद की चर्चा में थे। उस समय कांग्रेस ने भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाया था।
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कसा तंज
कांग्रेस में मुख्यमंत्री चेहरे की शुरुआती चर्चा पर भाजपा नेता और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने तंज कसा। उन्होंने दीपक बैज के 2028 में कांग्रेस की सरकार बनने के दावे पर कहा, “शहर बसा नहीं और लुटेरे पहले आ गए।” जायसवाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस में नेता आपस में ही लड़ रहे हैं और अलग-अलग मुख्यमंत्री पद की दावेदारी कर रहे हैं।
2028 की तैयारी में संगठन पर जोर
मुख्यमंत्री चेहरे की चर्चा के बीच कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की कवायद भी कर रही है। अंबिकापुर में ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। पार्टी की ओर से 2028 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की बात सामने आई है। बाद में रायपुर में भी प्रशिक्षण शिविर का अगला चरण शुरू किया गया।



