Dhamtari News: देवेंद्र कुमार मिश्रा। धमतरी नगर निगम में विकास कार्यों की रफ्तार को लेकर उठते सवालों के बीच PWD की कमान बदल दी गई है विजय मोटवानी से विभाग का प्रभार वापस लेकर युगल किशोर उर्फ पिंटू यादव को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नगर निगम में लंबित बताए जा रहे विकास कार्यों की तस्वीर बदलेगी, या शहरवासियों का इंतजार पहले की तरह जारी रहेगा?
नगर निगम के अलग-अलग वार्डों में सड़क, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है बताया जा रहा है कि कई फाइलें लंबित हैं, जबकि कुछ कार्यों के वर्कऑर्डर करीब आठ महीने पहले जारी होने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं होने की बात सामने आती रही है। यही वजह है कि PWD के प्रभार में बदलाव को लेकर निगम के सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, प्रभार वापस लेने के आधिकारिक आदेश में लंबित कार्यों या लापरवाही को वजह नहीं बताया गया है। ऐसे में इस बदलाव को किसी के खिलाफ कार्रवाई कहना फिलहाल उचित नहीं होगा।

40 वार्डों के विकास की जिम्मेदारी,अब नतीजों की बारी
महापौर रामू रोहरा की ओर से शहर के सभी 40 वार्डों में सड़क, नाली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के कामों को गति देने पर जोर दिया जा रहा है.शासन स्तर पर विकास प्रस्ताव भी भेजे जा रहे हैं। लेकिन विकास की असली तस्वीर तभी बदलेगी, जब स्वीकृत योजनाएं और जारी वर्कऑर्डर निर्माण कार्यों में बदलेंगे। ऐसे में PWD की नई जिम्मेदारी संभालने वाले पिंटू यादव के सामने विभागीय कामकाज को गति देने की चुनौती होगी। लंबित फाइलों की स्थिति स्पष्ट करना, रुके हुए कामों की वजह सामने लाना और निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाना अब उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहने की उम्मीद है।
प्रभार बदला,अब जवाब जमीन पर दिखना चाहिए
धमतरी नगर निगम में जिम्मेदारी का यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब विकास कार्यों की प्रगति पर सवाल उठ रहे हैं अब शहरवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि नई जिम्मेदारी के बाद विभाग में कामकाज कितना तेज होता है और लंबित बताए जा रहे निर्माण कार्यों की स्थिति में क्या बदलाव आता है फिलहाल PWD की कुर्सी पर चेहरा बदल गया है, लेकिन धमतरी को इंतजार विकास की रफ्तार बदलने का है अब देखना होगा कि पिंटू यादव की नई पारी में फाइलों की गति बढ़ती है या सड़क-नाली के कामों के लिए शहरवासियों को अभी और इंतजार करना पड़ता है




