रविवार, 11 अक्तूबर 2026 रवि, 11 अक्तू॰ |
संस्करण:
ब्रेकिंग न्यूज़
राजनीति

Pappu Yadav 67 Lakh Votes: 67 लाख वोट काटकर चुनाव जीतने का आरोप, पप्पू यादव ने सरकार को घेरा

बिहार की सियासत में एक बार फिर चुनावी पारदर्शिता, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर घमासान तेज हो गया है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने पटना में प्रेसवार्ता के दौरान केंद्र सरकार और मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में करीब 67 लाख वोट काटकर […]

Pappu Yadav 67 Lakh Votes: 67 लाख वोट काटकर चुनाव जीतने का आरोप, पप्पू यादव ने सरकार को घेरा
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

बिहार की सियासत में एक बार फिर चुनावी पारदर्शिता, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर घमासान तेज हो गया है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने पटना में प्रेसवार्ता के दौरान केंद्र सरकार और मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में करीब 67 लाख वोट काटकर चुनाव जीता गया। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं के सम्मान, अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव, न्याय व्यवस्था और दिल्ली में आंदोलनों के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर भी सरकार को घेरा। उनके बयानों ने चुनावी प्रक्रिया और आम जनता की समस्याओं को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

67 लाख वोट कटने का आरोप, चुनावी प्रक्रिया पर उठाए सवाल

पप्पू यादव ने बिहार में मतदाता सूची से करीब 67 लाख वोट काटे जाने का आरोप लगाते हुए चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने राहुल गांधी के बिहार दौरे का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में मतदाता के अधिकारों की रक्षा सबसे जरूरी है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में भी मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने से जुड़ी कथित अनियमितताओं का जिक्र किया। हालांकि, 67 लाख वोट काटे जाने और इससे चुनावी नतीजों पर असर पड़ने के उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

युवाओं को ‘तेलचट्टा’ कहने पर भड़के सांसद

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की युवाओं को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर पप्पू यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश के युवा न तो कॉकरोच हैं और न ही बेटियां-बहनें मक्खी या झींगुर हैं। उन्होंने नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आम जनता की समस्याओं को समझने के बजाय राजनीतिक नेतृत्व जनता का अपमान कर रहा है। उनके मुताबिक, युवाओं के सम्मान और भविष्य पर राजनीति करने वालों को पहले रोजगार और अवसरों के सवालों का जवाब देना चाहिए।

महंगाई का वार, आम आदमी की जेब पर बढ़ता दबाव

महंगाई को लेकर पप्पू यादव ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि 2014 के मुकाबले आज ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। उनके मुताबिक, महंगी जरूरतों और बढ़ती ईएमआई ने मध्यम वर्ग की आर्थिक स्थिति को कमजोर किया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब आम परिवारों का खर्च लगातार बढ़ रहा है, तो उन्हें राहत देने के लिए प्रभावी कदम कहां हैं?

कर्ज, बेरोजगारी और पेपर लीक पर सरकार को घेरा

सांसद ने देश पर बढ़ते कर्ज, रोजगार के अवसरों की कमी और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बेरोजगारी में कई गुना वृद्धि हुई है और बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेज बंद हुए हैं। उनके अनुसार, रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को बार-बार परीक्षाओं में अनियमितताओं और भर्ती में देरी का सामना करना पड़ रहा है। इन दावों के समर्थन में अलग-अलग आधिकारिक आंकड़ों की जांच आवश्यक है।

उद्योगपतियों के प्रभाव का आरोप, सरकार की नीतियों पर सवाल

पप्पू यादव ने एलन मस्क के एक कथित ट्वीट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि देश की नीतियों पर बड़े उद्योगपतियों का प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और भाजपा-आरएसएस के नेताओं की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि सत्ता और बड़े कारोबारी घरानों के बीच संबंधों पर पर्याप्त सार्वजनिक जवाबदेही नहीं दिखाई देती। हालांकि, उन्होंने जिस कथित ट्वीट का जिक्र किया, उसकी सामग्री और संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

Nikhil Singh
लेखक / पत्रकार:

Nikhil Singh

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

विज्ञापन