Punjab CBI Raid: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस पर मंगलवार 6 अक्टूबर को सीबीआई ने छापेमारी की। सीबीआई की टीम सेक्टर-2 स्थित हाउस नंबर 50 में जांच के लिए पहुंची। इस बंगले का इस्तेमाल मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस और गेस्ट हाउस के तौर पर किया जाता है। इसी के साथ मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन के संगरूर जिले के घराचों स्थित पुश्तैनी घर पर भी कार्रवाई हुई।
सीबीआई ने इस मामले में भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा समेत अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एफआईआर में सरकारी कर्मचारियों के साथ बिचौलियों और कथित सहयोगियों को भी आरोपी बनाया गया है।
पैसे लेकर पोस्टिंग और सरकारी काम प्रभावित करने का आरोप
एफआईआर के मुताबिक आरोपियों पर पैसे लेकर आईएएस और आईपीएस समेत अलग-अलग अधिकारियों की पोस्टिंग और विभागीय कार्रवाई को प्रभावित करने का आरोप है। इसके अलावा नीतियां बनाने, प्रशासनिक मंजूरी, टेंडर की शर्तें तय करने, लाइसेंस जारी कराने और जमीन के इस्तेमाल में बदलाव जैसे मामलों में भी कथित हस्तक्षेप के आरोप लगाए गए हैं।
जमीन और संपत्ति से जुड़े मामलों में भी दखल का आरोप
जांच के दायरे में संपत्ति विवाद, राजस्व और जमीन से जुड़े मामलों को भी शामिल किया गया है। सीबीआई का आरोप है कि कथित तौर पर प्रभाव और पैसों के जरिए सरकारी फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश की जाती थी। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
एफआईआर दर्ज होने के बाद सीबीआई ने चंडीगढ़, मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर में कुल 8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान आरोपियों से जुड़े परिसरों से लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई दस्तावेज बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई जांच
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और ट्रांसफर-पोस्टिंग मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई है। हाईकोर्ट ने सीबीआई को आपराधिक मामला दर्ज कर स्वतंत्र जांच करने और दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। पंजाब सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
ईडी के पत्रों के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा
मामले की शुरुआत ईडी की ओर से भेजे गए पत्रों से हुई थी। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। अदालत ने मामले की स्वतंत्र जांच के लिए सीबीआई को जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया। पंजाब सरकार ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और जल्द सुनवाई की मांग की, लेकिन तत्काल सुनवाई से इनकार के बाद सीबीआई की कार्रवाई सामने आई।
भगवंत मान ने बीजेपी पर साधा निशाना
सीबीआई की कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया के जरिए केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में होने वाले चुनावों को देखते हुए केंद्र सरकार सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। मान ने दावा किया कि पंजाब में मिल रहे जनसमर्थन से भाजपा घबरा गई है।
केजरीवाल बोले- चुनाव से पहले सीबीआई का इस्तेमाल
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी सीबीआई की कार्रवाई को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के जरिए पंजाब सरकार को निशाना बनाया जा रहा है। केजरीवाल ने दावा किया कि भाजपा चुनावी मुकाबले में जीत हासिल नहीं कर सकती, इसलिए ईडी और सीबीआई के जरिए चुनाव लड़ने की कोशिश कर रही है।
बीजेपी ने कहा- भ्रष्टाचार का हिसाब होगा
भाजपा नेता मंजिंदर सिंह सिरसा ने कार्रवाई को लेकर भगवंत मान सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में पंजाब की जनता के साथ हुए कथित भ्रष्टाचार, मारपीट और अन्य मामलों का हिसाब लिया जाएगा। सिरसा ने सीबीआई की कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा कदम बताते हुए कहा कि अब सबकी जवाबदेही तय होगी।



