Rahul Gandhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र की निचली अदालत में उनके खिलाफ चल रही आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले की समीक्षा करने पर भी सहमति जताई है, जिसमें राहुल गांधी को 2019 में जारी समन रद्द करने से इनकार कर दिया गया था।
मंगलवार को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता महेश श्रीश्रीमल को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। फिलहाल शीर्ष अदालत ने केवल निचली अदालत की आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई है। मामले के गुण-दोष पर अंतिम फैसला अभी नहीं आया है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका
राहुल गांधी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के 8 सितंबर 2026 के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जारी समन रद्द करने से इनकार कर दिया था। यह समन मुंबई की गिरगांव मजिस्ट्रेट अदालत ने 28 अगस्त 2019 को शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जारी किया था। हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट अदालत में सुनवाई छह सप्ताह तक टालने से संबंधित अपना 2021 का आदेश भी जारी रखा था, ताकि राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट जाने का अवसर मिल सके।
क्या है राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला?
शिकायतकर्ता महेश श्रीश्रीमल ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने 20 सितंबर 2018 को राजस्थान में एक सार्वजनिक सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी की थी। शिकायत के मुताबिक, इन बयानों से प्रधानमंत्री के साथ-साथ भाजपा के सदस्यों और उनसे जुड़े लोगों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। शिकायतकर्ता ने अदालत में कहा था कि वह भाजपा के सदस्य हैं और अपने नेता के खिलाफ की गई टिप्पणी से आहत हुए थे।
राजस्थान की रैली में क्या बोले थे राहुल गांधी?
सितंबर 2018 में राजस्थान की एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने राफेल विमान सौदे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था। इस दौरान उन्होंने ‘हिंदुस्तान का चौकीदार चोर है’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने प्रधानमंत्री के लिए अंग्रेजी में ‘कमांडर-इन-थीफ’ यानी ‘चोरों का सरदार’ जैसी टिप्पणी भी की थी। इन्हीं बयानों को लेकर मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
राहुल गांधी के वकील ने क्या दलील दी?
राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए दलील दी कि इस मामले में कानूनी स्थिति पहले से स्पष्ट है। शीर्ष अदालत ने फिलहाल मामले की विस्तृत जांच और अंतिम निर्णय से पहले महाराष्ट्र सरकार तथा शिकायतकर्ता का पक्ष जानने का फैसला किया है।
अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। तब तक महाराष्ट्र की निचली अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ इस मामले की आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी। अगली सुनवाई में अदालत पक्षकारों की दलीलों और जवाबों पर विचार करेगी। इस आदेश का अर्थ मामले में राहुल गांधी को अंतिम रूप से दोषमुक्त करना नहीं है, बल्कि कानूनी चुनौती पर आगे विचार किए जाने तक कार्यवाही रोकना है।



