Ramdas Athawale on CJP and Gyanesh Kumar: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कांग्रेस पर निशाना साधा है। रविवार को उन्होंने CJP को छात्रों की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर आंदोलन करने की सलाह दी।
साथ ही, राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर सवाल उठाते हुए आठवले ने कहा कि चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग का कोई आधार नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर अराजकता फैलाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
NEET विवाद का जिक्र कर CJP को दी सलाह
रामदास आठवले ने कहा कि CJP की स्थापना NEET परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर हुई थी। उनके मुताबिक, पार्टी ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस्तीफा लेकर उसकी मांग पूरी कर दी थी।
आठवले ने सवाल उठाया कि अब ज्ञानेश कुमार के मामले में CJP को आंदोलन करने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि पार्टी को छात्रों के लिए बेहतर शिक्षा नीति और परीक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर आवाज उठानी चाहिए।
ज्ञानेश कुमार के समर्थन में क्या बोले आठवले?
केंद्रीय मंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव करते हुए वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि करीब 13 करोड़ वोट हटाए जाने के पीछे अलग-अलग कारण हैं। आठवले के मुताबिक, इनमें करीब 6 करोड़ ऐसे लोग हैं, जो नौकरी या कारोबार के सिलसिले में एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले गए हैं। उन्होंने करीब एक करोड़ लोगों के नाम दो जगह दर्ज होने की बात कही और बताया कि ऐसे मामलों में एक नाम हटाया गया है। इसके अलावा, उन्होंने करीब 3 करोड़ लोगों के लापता होने का भी जिक्र किया।
राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर उठाए सवाल
रामदास आठवले ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जहां से चुनाव जीतकर आए, वहां के नतीजों को लेकर क्या कांग्रेस भी वोट चोरी का आरोप लगाएगी? आठवले ने कांग्रेस की सीटों में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए सवाल किया कि क्या विपक्ष अपनी चुनावी सफलता को भी वोट चोरी से जोड़कर देखेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के मतदान से ही सरकारें बनती हैं।
चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को बताया बेबुनियाद
आठवले ने कहा कि उनकी सरकार को जनता ने वोट देकर चुना है। उनके अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा आंदोलन बेबुनियाद है। उन्होंने विपक्ष पर जानबूझकर अराजकता को बढ़ावा देने और लोगों को परेशानी में डालने का आरोप लगाया।
CJP को पहले भी चेतावनी दे चुके हैं आठवले
रामदास आठवले ने इससे पहले 3 अक्टूबर को भी CJP नेता अभिजीत दीपके के बयानों पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि दीपके ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। आठवले ने चेतावनी दी थी कि ऐसे बयान बंद नहीं किए गए तो रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
दिल्ली में कांग्रेस और CJP के प्रदर्शन की तैयारी
दिल्ली में सोमवार को कांग्रेस और CJP के प्रदर्शन की तैयारी थी। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने और देशभर से कार्यकर्ताओं को राजधानी बुलाने का ऐलान किया था। वहीं, CJP ने सुबह 10 बजे शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए पुलिस स्टेशन जाने की बात कही थी। पार्टी ने कहा था कि अगर 24 घंटे के भीतर प्रदर्शन के लिए समय नहीं दिया गया, तो वह खुद आंदोलन की जगह और समय का ऐलान करेगी।



