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भारत को अल्बानिया से सीख लेने की जरूरत क्यों? संजय राऊत पर प्रियंका चतुर्वेदी का पलटवार

Sanjay Raut Priyanka Chaturvedi: अल्बानिया में सत्ता के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं के बीच मतभेद सामने आया है। राज्यसभा सांसद संजय राऊत ने अल्बानिया का उदाहरण देते हुए भारत को सीख लेने की नसीहत दी। वहीं, पार्टी की पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस टिप्पणी पर असहमति जताई। […]

Sanjay Raut and Priyanka Chaturvedi political disagreement over Albania protests and Indian democracy
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Sanjay Raut Priyanka Chaturvedi: अल्बानिया में सत्ता के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं के बीच मतभेद सामने आया है। राज्यसभा सांसद संजय राऊत ने अल्बानिया का उदाहरण देते हुए भारत को सीख लेने की नसीहत दी। वहीं, पार्टी की पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस टिप्पणी पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हैं और देश को किसी दूसरे मुल्क से सीखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने हिंसा के जरिए सत्ता परिवर्तन की सोच से भी दूरी बनाई।

प्रियंका चतुर्वेदी ने क्या कहा?

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारत को किसी अन्य देश से सीख लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रदर्शनों और हिंसा के बीच अंतर पर जोर दिया। उनके मुताबिक, दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित मारपीट और हिंसा को लेकर सवाल उठाए जा सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सत्ता परिवर्तन हिंसा के जरिए ही होना चाहिए।

हिंसा के जरिए सत्ता परिवर्तन पर जताई असहमति

प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी प्रतिक्रिया में स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक विरोध और हिंसा को एक नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतांत्रिक प्रदर्शन जारी हैं, लेकिन सत्ता परिवर्तन के लिए हिंसा को रास्ता मानना सही नहीं है।

अल्बानिया के उदाहरण से शुरू हुई बहस

इस पूरे विवाद की वजह अल्बानिया में सत्ता के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर संजय राऊत की टिप्पणी है। राऊत ने इस घटनाक्रम का हवाला देकर भारत को सीख लेने की बात कही थी। इसके जवाब में प्रियंका चतुर्वेदी ने भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का जिक्र किया और कहा कि भारत को किसी दूसरे देश से सीखने की जरूरत नहीं है।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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