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AI खा रहा नौकरियां! कमाई हजारों करोड़, फिर भी छंटनी की तैयारी में ये बैंक

Barclays Bank Job Cuts: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जहां कामकाज को तेज और आसान बना रहा है, वहीं इसके बढ़ते इस्तेमाल से नौकरियों पर असर पड़ने की चिंता भी बढ़ रही है। अब ब्रिटेन के बड़े बैंक बार्कलेज में हजारों कर्मचारियों की नौकरी जाने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक इस साल करीब […]

Barclays Bank AI Job Cuts
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Barclays Bank Job Cuts: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जहां कामकाज को तेज और आसान बना रहा है, वहीं इसके बढ़ते इस्तेमाल से नौकरियों पर असर पड़ने की चिंता भी बढ़ रही है। अब ब्रिटेन के बड़े बैंक बार्कलेज में हजारों कर्मचारियों की नौकरी जाने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक इस साल करीब 5,000 पदों में कटौती की योजना बना रहा है। इस कदम का मकसद खर्च कम करना और बैंक के मुनाफे में सुधार करना बताया गया है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, बार्कलेज अपने कर्मचारियों की संख्या में लगभग 5,000 की कमी करने की योजना पर काम कर रहा है। बताया गया है कि इनमें से करीब 1,000 पद पहले ही खत्म किए जा चुके हैं, जबकि बाकी कटौती 2026 के अंत तक की जा सकती है। बैंक का उद्देश्य खर्च पर नियंत्रण रखना और कामकाज को अधिक प्रभावी बनाना है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी नौकरियां सीधे तौर पर एआई के कारण खत्म होंगी।

एआई और लागत घटाने की रणनीति

बैंकिंग क्षेत्र में एआई और स्वचालित तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इनके जरिए कई प्रक्रियाओं को कम समय और कम संसाधनों में पूरा किया जा सकता है। बार्कलेज भी लागत घटाने और कामकाज की क्षमता बढ़ाने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। हालांकि, कर्मचारियों की संख्या में कमी के पीछे केवल एआई ही एकमात्र कारण है, ऐसा कहना सही नहीं होगा। बैंक की लागत और संगठनात्मक बदलाव भी इस फैसले से जुड़े हो सकते हैं।

मुनाफा बढ़ने के बावजूद छंटनी का फैसला

रिपोर्ट में बैंक के तीसरी तिमाही के प्रदर्शन का भी जिक्र है। बार्कलेज ने इस दौरान 2.3 अरब पाउंड का मुनाफा दर्ज किया, जो भारतीय मुद्रा में करीब 29,193 करोड़ रुपये बैठता है। इसके बावजूद बैंक के कुछ कारोबार उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए। खास तौर पर फिक्स्ड-इनकम ट्रेडिंग में कमजोरी का असर निवेश बैंक के नतीजों पर पड़ा। इससे संकेत मिलता है कि अच्छा मुनाफा होने के बाद भी बैंक खर्च घटाने के कदम उठा सकता है।

सीईओ ने कारोबार के प्रदर्शन पर जताई निराशा

बार्कलेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीएस वेंकटकृष्णन ने फिक्स्ड-इनकम ट्रेडिंग कारोबार के प्रदर्शन पर निराशा जताई। यह कारोबार परंपरागत रूप से बैंक की प्रमुख गतिविधियों में शामिल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि वह इस प्रदर्शन से निराश हैं और इस पर उनका ध्यान रहेगा। हालांकि, यह बयान ट्रेडिंग कारोबार के प्रदर्शन को लेकर था, न कि सीधे तौर पर कर्मचारियों की छंटनी के फैसले को लेकर।

शेयरों में गिरावट से बढ़ी चिंता

रिपोर्ट में बार्कलेज के शेयरों में गिरावट का भी उल्लेख किया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस साल बैंक के शेयर करीब 14 प्रतिशत नीचे आए हैं। इससे पहले कई वर्षों तक शेयरों में तेजी देखी गई थी। ऊंची ब्याज दरों से बैंक को मुनाफा बढ़ाने में मदद मिली थी, लेकिन कारोबार के अलग-अलग हिस्सों का प्रदर्शन और खर्चों पर नियंत्रण अब भी अहम चुनौती बने हुए हैं।

क्या एआई से बैंकिंग क्षेत्र में नौकरियां घटेंगी?

बार्कलेज का मामला इस व्यापक बहस को फिर सामने लाता है कि एआई से कामकाज में सुधार के साथ रोजगार पर क्या असर पड़ेगा। बैंकिंग क्षेत्र में दस्तावेजों की जांच, ग्राहक सेवा और नियमित प्रक्रियाओं को स्वचालित करने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। इससे कुछ भूमिकाओं की जरूरत कम हो सकती है, जबकि तकनीक, डेटा सुरक्षा और एआई प्रबंधन से जुड़े काम बढ़ सकते हैं। हालांकि, हर छंटनी को केवल एआई से जोड़ना उचित नहीं होगा।

Naveen Kumar Sahu
लेखक / पत्रकार:

Naveen Kumar Sahu

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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