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जंगलों में होने वाले शिकार को रोकने किया गया अनूठा कार्यक्रम, अचानकमार टाईगर रिजर्व में प्रतियोगिता के बहाने कराया गया धनुष-बाण का समर्पण

जंगलों में होने वाले शिकार को रोकने किया गया अनूठा कार्यक्रम, अचानकमार टाईगर रिजर्व में प्रतियोगिता के बहाने कराया गया धनुष-बाण का समर्पण
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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मुंगेली। छत्तीसगढ़ वनों से आच्छादित है और बड़ी संख्या में जानवर इन जंगलों में निवास करते हैं। इन जानवरों के शिकार की घटनाएं भी अक्सर सामने आती हैं। इससे परेशान वन विभाग ने ग्रामीणों को जागरूक करने का नया तरीका ढूंढ निकाला है। अचानकमार टाइगर रिजर्व इलाके के वन परिक्षेत्र सुरही में एक कार्यक्रम रखा गया जिसमें ग्रामीणों की तीरंदाजी प्रतियोगिता कराई गई, पुरष्कार बांटे गए और फिर ग्रामीणों से धनुष बाण के साथ ही गुलेल भी जमा कराये गए।

मुंगेली जिले के अचानकमार टाईगर रिजर्व अंतर्गत वन परिक्षेत्र सुरही में "धनुष-बाण-गुलेल समर्पण" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धरमजीत सिंह, विधायक लोरमी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। अचानकमार टाईगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव एवं क्षेत्रीय निदेशक, उप निदेशक अचानकमार टाईगर रिजर्व लोरमी, सहायक संचालक कोर समस्त वन परिक्षेत्र अधिकारी कोर / बफर एवं दैनिक कर्मचारियों द्वारा कार्यक्रम को सम्पन्न कराया गया।

शिकारियों ने तीरंदाजी में दिखाया हुनर

वन विभाग और ATR के अधिकारियों द्वारा तैयार इस कार्यक्रम के तहत तीरन्दाज प्रशिक्षकों की मौजूदगी में लुभावने तरीके से तीरन्दाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें सुरही से 05 प्रतिभागी निवासखार से 27 प्रतिभागी एवं राजक से 15 प्रतिभागी कुल 47 प्रतिभागियों द्वारा भाग लिया गया। जिसमें से प्रथम करम सिंह बैगा द्वितीय श्याम बैगा एवं तृतीय स्थान पर पंचू बैगा रहे। इन सभी को नगद पुरस्कार दिया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों की कर्मा नृत्य प्रतियोगिता भी रखी गई। जिसमें श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले समूहों को नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

अस्त्र समर्पण करने वालों को मिली नगद राशि

इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य था ग्रामीणों को वन्य जीवों के शिकार से रोकना। इसी के तहत ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए उनके धनुष-बाण और गुलेल जमा कराये गए। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी ग्रामीणों ने अपने धनुष बाण जमा किये, इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धरमजीत सिंह के हाथों इन सभी को श्रीफल एवं शाल से सम्मानित करते हुए दो-दो हजार रूपये की राशि से प्रोत्साहित किया गया। यही नहीं गुलेल समर्पण करने वाले प्रतिभागियों को भी दो-दो सौ रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। बता दें कि ग्रामीण गुलेल से भी पक्षियों का शिकार करते हैं, उन्हें भी शिकार करने से बचने की सीख दी गई।

शिकार नहीं करने की शपथ ली

इस कार्यक्रम के दौरान तीरंदाजी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले 9 ग्रामीण ऐसे थे जिन्हें पूर्व में जंगली जानवरों का शिकार करने के आरोप में पकड़ा जा चुका है। इनके द्वारा शिकार करने की मनोवृत्ति को बदलकर धनुष-बाण समर्पण कर वन एवं वन्यप्राणी की सुरक्षा की शपथ भी ली गई। उम्मीद की जानी चाहिए कि वन विभाग के इस प्रयास से जंगलों में जानवरों और पक्षियों के होने वाले शिकार में कमी आएगी।

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The Rural Press ब्यूरो
लेखक / पत्रकार:

The Rural Press ब्यूरो

सम्पादकीय डेस्क (The Rural Press Editorial Team)

The Rural Press की विशेष सम्पादकीय एवं ग्रामीण खोजी पत्रकारिता टीम। जमीनी मुद्दों, कृषि संकट और निष्पक्ष जनसरोकार की विश्वसनीय रिपोर्टिंग।

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