रायपुर। कैंसर रोधी दवाओं की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किये गए फैसले के बीच मित्तल कैंसर हॉस्पिटल लोधी पारा कांपा में कैंसररोधी दवाओं और उनकी कीमतों से जुड़े विषयों की जांच की गई। यह कार्रवाई स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश एवं स्वास्थ्य सचिव एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के मार्गदर्शन में किये जाने की जानकारी दी गई है।
इस दौरान संबंधित दवाओं के आयात, क्रय-विक्रय और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है। यदि जांच में कोई अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा लागू नियमों के प्रावधानों के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान के अंतर्गत कुल 26 मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया गया। एक मेडिकल स्टोर में अनियमितता पाए जाने पर संचालक को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किया गया है। संचालक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र सरकार ने किया है ये फैसला
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट कैंसर रोधी दवाओं की कई गुना ज्यादा कीमत वसूले जाने को लेकर दायर याचिका की सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र उन कैंसर दवाओं की सूची जारी करेगा, जिन पर 30 प्रतिशत ट्रेड मार्जिन की सीमा लागू होगी। बाजार की परिस्थितियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य की जरूरतों के आधार पर इस सूची को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। इसमें नई दवाएं जोड़ी जा सकेंगी, जबकि सस्ती दवाओं को इस व्यवस्था से बाहर रखा जाएगा।
सरकार के अनुसार, इस कदम से दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) में 20 से 70 प्रतिशत तक की कमी आने और सालाना करीब 2,500 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. रायपुर में कैंसर दवाओं को लेकर क्या कार्रवाई हुई है?
Ans. स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मित्तल कैंसर हॉस्पिटल लोधीपारा सहित 26 मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया। आयात, खरीद-बिक्री और दस्तावेजों की जांच की गई। एक स्टोर में अनियमितता पर कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
Q2. जांच में अनियमितता मिलने पर क्या होगा?
Ans. विभाग ने कहा है कि दस्तावेजों की जांच जारी है। यदि नियमों का उल्लंघन मिला तो औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
Q3. केंद्र सरकार ने कैंसर दवाओं की कीमतों पर क्या फैसला लिया है?
Ans. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि वह कैंसर दवाओं की सूची जारी करेगा जिन पर 30% ट्रेड मार्जिन की सीमा लगेगी। इससे MRP में 20-70% तक कमी और सालाना करीब 2,500 करोड़ की बचत का अनुमान है।
Q4. इस फैसले का आम लोगों को क्या फायदा होगा?
Ans. ट्रेड मार्जिन कैप होने से कैंसर की महंगी दवाएं सस्ती होंगी, जिससे मरीजों का इलाज का खर्च कम होगा और दवाओं की कालाबाजारी पर रोक लगेगी।



