Raipur: राजधानी में एक बार फिर निजी अस्पतालों में उपकरणों के रखरखाव और फायर सेफ्टी की पोल खुल गई है। जल विहार कॉलोनी स्थित स्वास्तिक नर्सिंग होम में सोमवार को बड़ा हादसा टल गया। अस्पताल की पहली मंजिल पर स्थित ऑपरेशन थिएटर (OT) में AC फटने से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते लाखों रुपये की अत्याधुनिक चिकित्सा मशीनें, ऑपरेशन टेबल, एनेस्थीसिया मशीन और इलेक्ट्रॉनिक ट्रॉलियां जलकर खाक हो गईं।
गनीमत रही कि हादसे के वक्त OT में कोई ऑपरेशन नहीं चल रहा था, वरना बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था।

कैसे हुआ हादसा – चेंजिंग रूम में स्टाफ था, जोरदार धमाके से दहला अस्पताल
जानकारी के मुताबिक, हादसा उस वक्त हुआ जब OT से लगे चेंजिंग रूम में स्टाफ मौजूद था। अचानक AC में जोरदार धमाका हुआ और लपटें उठने लगीं। स्टाफ ने तुरंत अलार्म बजाया। आग तेजी से ऑपरेशन टेबल तक फैल गई। पूरी मंजिल पर काला घना धुआं भर गया। बिजली सप्लाई काटी गई और फायर ब्रिगेड व एम्बुलेंस को सूचना दी गई। आग इतनी भीषण थी कि OT की छत-दीवारें काली पड़ गईं, फर्श पर जली मशीनों का मलबा बिखर गया।
ICU में भर्ती 12 गंभीर मरीजों की अटकी सांसे, तुरंत शिफ्ट किया
सबसे बड़ा खतरा OT से सटे ICU में था, जहां 10 से 12 गंभीर मरीज भर्ती थे। धुएं के कारण उनकी जान पर बन आई। अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में सभी मरीजों को पास के ही एक अन्य निजी अस्पताल में सुरक्षित शिफ्ट किया। इसी तत्परता से बड़ी जनहानि टल गई।
लाखों का नुकसान, प्रबंधन बोला – फायर NOC वैध है
प्रारंभिक अनुमान में लाखों रुपये के नुकसान की बात सामने आई है। अस्पताल के मैनेजर चेतन पाल का कहना है कि अस्पताल की फायर NOC पूरी तरह वैध है और अग्निशमन प्रणाली ने काम किया। प्राथमिक तौर पर मामला AC ब्लास्ट का लग रहा है।
सवाल ये है – अगर NOC वैध थी और सिस्टम सही था, तो AC फटा कैसे? क्या निजी अस्पतालों में AC और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की नियमित सर्विसिंग होती है? क्या फायर ऑडिट सिर्फ कागजों पर है? ये हादसा राजधानी के सभी निजी नर्सिंग होम्स की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. रायपुर में कहां आग लगी?
जल विहार कॉलोनी स्थित स्वास्तिक नर्सिंग होम की पहली मंजिल पर बने ऑपरेशन थिएटर में सोमवार को AC फटने से भीषण आग लग गई।
Q2. हादसे में कितना नुकसान हुआ?
OT में रखी ऑपरेशन टेबल, एनेस्थीसिया मशीन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जलकर खाक हो गए, लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। कोई जनहानि नहीं हुई।
Q3. ICU के मरीज कैसे बचे?
OT से सटे ICU में 10-12 गंभीर मरीज भर्ती थे। धुआं भरने पर उन्हें तुरंत पास के दूसरे निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जिससे जान बच गई।
Q4. अस्पताल प्रबंधन ने क्या कहा?
मैनेजर चेतन पाल के अनुसार अस्पताल की फायर NOC वैध है और अग्निशमन प्रणाली ने काम किया, प्राथमिक जांच में AC ब्लास्ट की बात सामने आई है।



