आइची-नागोया/नई दिल्ली। जापान के शहर आइची-नागोया में 19 सितंबर 2026 को शुरू हुए 20वें एशियाई खेलों का अब 4 अक्तूबर 2026 को आधिकारिक समापन हो गया है। एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के अध्यक्ष शेख जुआन बिन हमद अल थानी ने इन खेलों के समापन की औपचारिक घोषणा की। वर्ष 2030 में होने वाले एशियाई खेलों की मेजबानी दोहा करेगा। समापन समारोह के दौरान खेलों की मशाल कतर के प्रतिनिधियों को सौंप दी गई।
भारत 85 मेडल्स के साथ तालिका में चौथे नंबर पर
इन खेलों में भारत ने कुल 85 पदक जीते। पिछले एशियाई खेल 2022 (23) हांगझाउ में भारत ने 107 पदक जीते थे। उससे कुल 22 पदक कम इस संस्करण में भारतीय दल के नाम हुए। यह एशियाई खेलों के इतिहास में भारत का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इन खेलों में भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक अपने नाम किए। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा।
चीन शीर्ष पर, मेजबान जापान दूसरे नंबर पर
चीन ने सर्वाधिक 341 पदक (169 गोल्ड, 89 सिल्वर, 83 ब्रॉन्ज) के साथ नंबर 1 स्थान कब्जाया। वहीं मेजबान जापान 269 पदक (83 गोल्ड, 95 सिल्वर, 91 ब्रॉन्ज) लेकर दूसरे स्थान पर जगह बनाई। दक्षिण कोरिया 39 गोल्ड, 43 सिल्वर, 68 ब्रॉन्ज समेत कुल 150 पदक जीतते हुए तीसरे स्थान पर रहा।
एथलेटिक्स-शूटिंग में भारत का बोलबाला
भारत की तरफ से सर्वाधिक 24 पदक एथलेटिक्स में आए हैं। हालांकि, 2022 (29 पदक) के मुकाबले यह कम हैं। वहीं शूटिंग में इस बार भारत के लिए 15 पदक आए। इसके अलावा 9 पदक तीरंदाजी और 6-6 पदक मुक्केबाजी और कुश्ती में भारत ने जीते। स्वाश में भारत ने 5, सेलिंग में 3 और क्रिकेट, हॉकी, कबड्डी, गोल्फ जैसे फील्ड गेम्स में भी 2-2 पदक भारत को मिले।



