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4 साल बाद आखिरी बार पहनी थी टीम इंडिया की जर्सी, अब आज मिलेगा मौका, स्विंग किंग भुवनेश्वर कुमार की होगी वापसी!

Bhuvneshwar Kumar Comeback Story: भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार आज भारतीय टीम की नीली जर्सी ने दिखने वाले है। अपनी स्विंग गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान करने वाले भुवनेश्वर ने चोटों और टीम से बाहर रहने के बावजूद क्रिकेट से अपना नाता बनाए रखा है। जिसके कारण अब करीब चार साल बाद उनकी भारतीय टीम […]

Bhuvneshwar Kumar India Comeback
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Bhuvneshwar Kumar Comeback Story: भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार आज भारतीय टीम की नीली जर्सी ने दिखने वाले है। अपनी स्विंग गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान करने वाले भुवनेश्वर ने चोटों और टीम से बाहर रहने के बावजूद क्रिकेट से अपना नाता बनाए रखा है। जिसके कारण अब करीब चार साल बाद उनकी भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद जगी है।

न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुने गए भुवनेश्वर कुमार को वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें टी20 मुकाबले में भी खेलने का मौका मिल सकता है। हालांकि, यह संभावना अर्शदीप सिंह की फिटनेस पर निर्भर करेगी। अगर अर्शदीप पूरी तरह फिट नहीं होते हैं, तो भुवनेश्वर को मौका मिल सकता है। बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में संभावित वापसी उनके लिए खास हो सकती है।

जानिए कैसा रहा भुवनेश्वर का प्रदर्शन ?

भुवनेश्वर कुमार का टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है, जहां उन्होंने 87 मैचों में 90 विकेट चटकाए हैं, जिसमें अफगानिस्तान के खिलाफ 5/4 का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन शामिल है। इसके अलावा, उनके नाम टी20 में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा 10 मेडन ओवर फेंकने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी दर्ज है।

आईपीएल में प्रदर्शन ने फिर जगाई वापसी की उम्मीद

36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार की वापसी की चर्चा सिर्फ उनके अनुभव के कारण नहीं हो रही है। आईपीएल में उनके प्रदर्शन ने भी उम्मीदें बढ़ाई हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए उन्होंने नई गेंद से विकेट लेने के साथ डेथ ओवरों में भी अपनी उपयोगिता दिखाई। उनकी स्विंग, सटीक लाइन और लेंथ तथा रन रोकने की क्षमता टीम के लिए अहम साबित हो सकती है।

चिन्नास्वामी स्टेडियम में गेंदबाजी का अनुभव आएगा काम

बेंगलुरु का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम बल्लेबाजों के अनुकूल मैदान माना जाता है। छोटी बाउंड्री, ओस और तेज गति से रन बनाने की क्षमता गेंदबाजों के सामने चुनौती खड़ी करती है। ऐसे माहौल में भुवनेश्वर का अनुभव उपयोगी हो सकता है। वह इस मैदान पर आईपीएल में कई बार गेंदबाजी कर चुके हैं और परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति बदलने की क्षमता रखते हैं।

स्विंग के साथ धीमी गेंद और कटर भी ताकत

भुवनेश्वर कुमार की सबसे बड़ी ताकत गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराना रही है। हालांकि, समय के साथ उन्होंने अपनी गेंदबाजी में कई बदलाव किए हैं। गति में विविधता, धीमी गेंद, कटर और अलग-अलग लेंथ पर नियंत्रण उनकी गेंदबाजी को प्रभावी बनाते हैं। एक जैसी गेंदबाजी शैली से अलग-अलग गति की गेंद डालकर वह बल्लेबाजों को अनुमान लगाने का मौका कम देते हैं।

वापसी के मौके को भुनाने की होगी चुनौती

अगर अर्शदीप सिंह फिट नहीं होते हैं और भुवनेश्वर कुमार को अंतिम मुकाबले में खेलने का मौका मिलता है, तो यह उनके लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी का अहम पड़ाव होगा। 2028 टी20 विश्व कप तक भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। फिलहाल उनकी पहली चुनौती संभावित मौके का फायदा उठाकर चयनकर्ताओं का भरोसा जीतना होगी।

चार साल का इंतजार खत्म करने पर रहेंगी नजरें

भुवनेश्वर कुमार का करियर बताता है कि क्रिकेट में वापसी के लिए प्रतिभा के साथ धैर्य और लगातार खुद को बेहतर बनाने की इच्छा भी जरूरी है। अगर वह दोबारा भारतीय जर्सी में उतरते हैं, तो यह उनके लिए लंबे इंतजार के बाद एक नई शुरुआत होगी। हालांकि, अंतिम एकादश में उनका चयन अर्शदीप सिंह की फिटनेस और टीम प्रबंधन के फैसले पर निर्भर करेगा।

Naveen Kumar Sahu
लेखक / पत्रकार:

Naveen Kumar Sahu

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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