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Chhattisgarh Investment: 8 लाख करोड़ का निवेश, 5000 स्टार्टअप और 500 करोड़ का AI मिशन, CM साय ने बताया नए छत्तीसगढ़ का प्लान

Chhattisgarh Investment: 8 लाख करोड़ का निवेश, 5000 स्टार्टअप और 500 करोड़ का AI मिशन, CM साय ने बताया नए छत्तीसगढ़ का प्लान
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

CM Sai in World Leaders Forum: नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय वर्ल्ड लीडर्स फोरम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैश्विक आर्थिक जगत की प्रमुख हस्तियों के सामने छत्तीसगढ़ की बदलती आर्थिक तस्वीर और निवेश की संभावनाओं का रोडमैप रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक खनिज और औद्योगिक पहचान से आगे बढ़कर AI, स्टार्टअप, ग्रीन एनर्जी, आधुनिक विनिर्माण और युवा उद्यमिता पर आधारित नई अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने निवेश को रोजगार, आय और उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दिया।

फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन समेत भारत और दुनिया की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हो रही हैं।

6.31 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था, 11.57% विकास दर

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आकार करीब 6.31 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत रही, जबकि प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 79 हजार 244 रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट में अधोसंरचना, पूंजीगत व्यय और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। सड़क, रेल, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत करने पर सरकार का फोकस है।

नई औद्योगिक नीति के बाद 8 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों के जरिए निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। पिछले दो वर्षों में 450 से अधिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। अब निवेश के दायरे में स्टील, सीमेंट और खनिज आधारित उद्योगों के साथ सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, AI, डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं।

2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने युवाओं को छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाला उद्यमी बनाना है। राज्य में वर्ष 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नए उद्यमियों को अपने विचारों को कारोबार में बदलने के लिए 10 लाख रुपये तक की सीड फंड सहायता दी जा रही है।

6 लाख विद्यार्थियों को AI ट्रेनिंग, 50 से ज्यादा AI सेवाएं

छत्तीसगढ़ में AI को भविष्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके साथ नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित सरकारी सेवाएं विकसित की जाएंगी।

500 करोड़ का AI मिशन

राज्य में 500 करोड़ रुपये के AI मिशन पर काम किया जा रहा है। इसके तहत 100 AI डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 300 से ज्यादा AI स्टार्टअप्स को सहयोग देने का लक्ष्य है। नवा रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से AI डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है। सरकार को इससे डिजिटल और AI सेक्टर में निवेश और रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है।

बस्तर में विकास, रोजगार और निवेश पर जोर

मुख्यमंत्री ने बस्तर को छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की स्थिति में सुधार के बाद बस्तर में विकास, निवेश, रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। बस्तर समेत प्रदेश के करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की जा रही है। बस्तर में 421 बंद स्कूल फिर शुरू किए गए हैं और 34 लाख से अधिक लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। 3,513 करोड़ रुपये की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना को भी बस्तर के आर्थिक विकास के लिए अहम बताया गया।

पर्यटन और स्थानीय उत्पादों से रोजगार पर फोकस

मुख्यमंत्री ने चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और सिरपुर समेत छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और जनजातीय संस्कृति की संभावनाओं को वैश्विक निवेशकों के सामने रखा। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद होटल, हॉस्पिटैलिटी, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं में निवेश और रोजगार की संभावनाओं पर जोर दिया गया। इसके अलावा लघु वनोपज, औषधीय पौधों, मिलेट और कृषि उत्पादों की स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन बढ़ाने की योजना है। लक्ष्य है कि राज्य केवल कच्चे माल का उत्पादक न रहे, बल्कि तैयार उत्पादों से स्थानीय लोगों की आय बढ़े।

4 हजार MW अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य

छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक ऊर्जा के साथ ग्रीन एनर्जी पर भी फोकस कर रहा है। आने वाले वर्षों में करीब 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में 90 हजार से ज्यादा घर सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं। भिलाई में प्रदेश का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन एनर्जी से ऊर्जा जरूरतें पूरी करने के साथ निवेश और ग्रीन जॉब्स के अवसर भी बढ़ेंगे।

इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और स्पेस सेक्टर पर भी नजर

सरकार प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ प्रदेश में वैल्यू एडिशन और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। नवा रायपुर और राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी अधोसंरचना विकसित की जा रही है। राजनांदगांव में प्रस्तावित स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, 142 एकड़ का फार्मा पार्क और टेक्सटाइल व रेडीमेड गारमेंट पार्क को भविष्य के औद्योगिक विकास से जोड़ा गया है। वहीं, कोरबा में लिथियम की खोज से बैटरी निर्माण, ऊर्जा भंडारण और न्यू एनर्जी सेक्टर में नई संभावनाओं की बात कही गई।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम से निवेश प्रक्रिया होगी आसान

मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योगों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 लागू किया गया है। इसके तहत कम जोखिम वाले उद्योगों के मामलों में तय समय में निर्णय नहीं होने पर स्वतः अनुमति का प्रावधान किया गया है। आठ विभागों की 43 सेवाओं को इसमें शामिल किया गया है। सरकार के मुताबिक, इससे करीब 15 लाख MSME को लाभ मिलने की संभावना है।

CM साय ने दुनिया के सामने रखा नए छत्तीसगढ़ का मॉडल

मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों के सामने छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक संसाधनों, ऊर्जा, भूमि, युवा मानव संसाधन, कनेक्टिविटी, अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल नीतियों वाले राज्य के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की अगली विकास यात्रा संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर ज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की है। निवेश इस बदलाव का माध्यम होगा और इसका अंतिम लक्ष्य युवाओं के लिए रोजगार, उद्यमिता और आय के नए अवसर तैयार करना है।

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