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BREAKING : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पाठ्य पुस्तक निगम से मांगा 3 सप्ताह में जवाब, नियमों को ताक में रखकर 5 फर्मों को BLACK LIST में डालने के विरुद्ध याचिका पर हुई सुनवाई

BREAKING : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पाठ्य पुस्तक निगम से मांगा 3 सप्ताह में जवाब, नियमों को ताक में रखकर 5 फर्मों को BLACK LIST में डालने के विरुद्ध याचिका पर हुई सुनवाई
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में पाठ्य पुस्तक निगम के एक फैसले के विरूद्ध दायर याचिका पर सुनवाई हुई. दरअसल, पाठ्य पुस्तक निगम में कार्यरत 5 फर्मों ने नियम विरुद्ध उनके फर्म को काली सूची में डाले जाने के निर्णय के विरूद्ध हाईकोर्ट में चुनौती दी.

मामले को संज्ञान में लेकर हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह के भीतर पाठय पुस्तक निगम से जवाब मांगा है. मामले पर अग्रिम सुनवाई 5 अप्रैल को होगी।

इन फर्मों ने दी चुनौती

हाईकोर्ट में शारदा ऑफसेट,टेक्नो प्रिंट्स,रामराज प्रिंटर एवं प्रगति प्रिंटर ने उच्च न्यायालय के एकलपीठ गौतम भादुरी के समक्ष अपने अधिवक्ता के.राघवचार्युलू, ए व्ही श्रीधर,अशुतोष पांडेय,शशांक थॉकुर एवं हिमांशु सिन्हा के माध्यम से पाठ्य पुस्तक निगम के निर्णय को चुनौती दी.

मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायालय को बताया कि पाठ्य पुस्तक निगम ने निःशुल्क पाठय पुस्तकों के मुद्रण हेतु वर्ष 2020 में निविदा आमंत्रित की थी, जिसमे उक्त फर्मों ने सफलता पूर्वक भाग लिया. पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर बिना उपयुक्त सुनवाई के अवसर दिए पाठय पुस्तक निगम के कुछ उच्चाधिकारियों के दबाव में उपरोक्त फर्मों को 3 साल के लिए काली सूची में डाला गया, जो कि की नियम विरुद्ध है.

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Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता

The Rural Press के लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकार से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्टिंग।

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