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बिना विकल्प के सरकार ने लगाया नान वूवेन कैरी बैग पर प्रतिबंध, लोगों को होगी परेशानी

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 प्लास्टिक की श्रेणी में आता है यह कैरी बैग

 नान वूवेन कैरी बैग के प्रतिबंध से 10 हजार लोग हो जाएंगे बेरोजगार

 दुनिया में कहीं भी नान वूवेन कैरी बैग पर प्रतिबंध नहीं

रायपुर। प्रदेश में प्लास्टिक के कैरी बैग प्रतिबंधित है। अब प्रदेश सरकार ने तत्काल प्रभाव से कपड़े की तरह दिखने वाले नान वूवेन कैरी बैग पर भी प्रतिबंध लगा दिया है , जबकि सरकार ने प्रदेश में नान वूवेन कैरी बैग को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी भी दिया था।

सरकार के इस फैसले से प्रदेश में करीब 10 हजार लोग बेरोजगार हो जाएंगे। एक  तरफ सरकार ने नान वूवेन कैरी बैग पर प्रतिबंध तो लगा दिया है, लेकिन इसके विकल्प के रूप में सरकार के पास कोई योजना  नहीं है।

इससे दुकानदार और ग्राहक दोनों को काफी परेशानी होगी। कपड़े के कैरी बैग की कीमत ज्यादा होने से छोटे दुकानदार इसे अपने पास नहीं रखते हैं। इससे कई दफा ग्राहक और दुकानदार के बीच विवाद की स्थिति भी बन जाती है।

बता दें कि नान वूवेन कैरी बैग दुनिया के किसी भी देश में प्रतिबंधित नहीं है। वहीं दो साल से प्रदेश में प्लास्टिक कैरी बैग बैन है, लेकिन अब भी यह धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है।

नान वोवेन कैरी बैग के लिए इमेज परिणाम

राज्य में प्लास्टिक बैग के प्रतिबंध

प्रदेश में प्लास्टिक और नान वूवेन कैरी बैग पर प्रतिबंध लगा देने के बाद सरकार ने कैरी बैग का कोई विकल्प नहीं तलाशा है। छोटे-छोटे दुकानदार और ग्राहक दोनों को इससे काफी परेशान हो रही है।

बता दें कि राज्य में प्लास्टिक बैग के प्रतिबंध होते ही इसके विकल्प के रूप में नान वूवेन कैरी बैग का चलन बढ़ गया है। कपड़े के बैग की तरह दिखने वाला यह कैरी बैग एक तरह का प्लास्टिक प्रोडक्ट ही है।

प्रदेश में इसके बढ़ते चलन को देखते हुए नगरीय प्रशासन विभाग ने इस पर भी प्रतिबंध लगाने का आदेश कर दिया है। आवास एवं पर्यावरण विभाग ने इसे नॉन बायो डिग्रेडेबल सामग्री से बना हुआ बताया है।

इसे देखते हुए नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगरीय निकाओं को पत्र भेजकर नान वूवेन कैरी बैग की बिक्री, खरीदी, उत्पादन, परिवहन व उपयोग को प्रतिबंधित करने का आदेश जारी कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में दो साल पहले 27 सितंबर 2017 को जारी अधिसूचना में प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग पर प्रतिबंध लग चुका है।

10 हजार लोगों के सामने रोजगार का संकट

नान वोवेन कैरी बैग फैक्ट्री के लिए इमेज परिणाम

इस समय प्रदेश में नान वूवेन कैरी बैग के फेब्रिक बनाने वाली 3 फैक्ट्रियां हैं। वहीं थैला बनाने वाली 10 फैक्ट्रियां हैं। अनुमान के मुताबिक इनमें करीब 10 हजार लोग काम करते हैं। सरकार के इस एकतरफा फैसले से नान वूवेन कैरी बैग बनाने वाली फैक्ट्री तथा वहां काम करने  वाले करीब 10 हजार लोगों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है।

कैरी बैग का विकल्प नहीं

प्लास्टिक और नान वूवेन कैरी बैग प्रतिबंध लगने से छोटे दुकानदार और ग्राहक दोनों के सामने संकट पैदा हो गया है। सरकार ने प्रतिबंध तो लगा दिया है, लेकिन लोगों के सामने कोई विकल्प पेश नहीं किया है। सरकार के पास कपड़े के कैरी बैग को बढ़ावा देने संबंधी कोई योजना भी नहीं है।

 

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The Rural Press ब्यूरो
लेखक / पत्रकार:

The Rural Press ब्यूरो

सम्पादकीय डेस्क (The Rural Press Editorial Team)

The Rural Press की विशेष सम्पादकीय एवं ग्रामीण खोजी पत्रकारिता टीम। जमीनी मुद्दों, कृषि संकट और निष्पक्ष जनसरोकार की विश्वसनीय रिपोर्टिंग।

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