अब 6 से 12 साल के बच्चों पर होगा covaxin का क्लीनिकल ट्रायल, कल से शुरू होगी स्क्रीनिंग
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टीआरपी डेस्क। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में बच्चों पर कोरोना के टीके के ट्रायल की प्रक्रिया जारी है। इस ट्रायल में बच्चों को उम्र के हिसाब से तीन ग्रुप में 12 से 18 साल, 6 से 12 साल और 2 से 6 साल आयु वर्ग बांटा गया है। जहां अब तक 12 से 18 साल बच्चों का ट्रायल लिए स्क्रीनिंग और वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। वहीं मंगलवार 15 जून से 6 से 12 साल के बच्चों पर AIIMS में कोरोना के टीके की ट्रायल की प्रक्रिया शुरू किया जाएगा। रिक्रूटमेंट के बाद बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी और क्लीनिकल ट्रायल में फिट पाए जाने पर ट्रायल में शामिल किया जाएगा।

12 से 18 साल की उम्र के बच्चों को दिया गया पहला डोज 

हालांकि इससे पहले 12 से 18 साल की उम्र के कुल 27 बच्चों को को-वैक्सीन का पहला डोज दिया गया। वैक्सीन देने के बाद बच्चों को करीब दो घंटे तक अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। बच्चों को किसी तरह की कोई परेशानी न होने और दवा के साइड इफेक्ट नजर नहीं आने के बाद ही बच्चों को घर जाने की इजाजत दी गई। इसके अलावा उनको दूसरी डोज 28 दिन के अंतराल पर लगाई जाएगी।

50 बच्चों पर होगा वैक्सीन का ट्रायल

गौरतलब है कि एम्स में चल रहे ट्रायल में 2 से 18 साल तक के करीब 50 बच्चों पर भारत बायोटेक की वैक्सीन का ट्रायल होना है। मई में देश के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी की सिफारिश को स्वीकार करने के बाद और भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन के दूसरे और तीसरे फेज के क्लीनिकल ट्रायल की अनुमति दी है। क्लीनिकल ट्रायल में टीके को इंट्रामस्क्युलर मार्ग द्वारा दो डोज दिया जाएगा।

बता दें, 6-12 साल के बच्चों के बाद दिल्ली एम्स 2-6 साल के आयु वर्ग के लिए ट्रायल करेगा। यह ट्रायल्स 525 केंद्रों पर हो रहे हैं। पटना एम्स, मैसूर मेडिकल कॉलेज और कर्नाटक में रिसर्च इंस्टीट्यूट को भी बच्चों पर क्लीनिकल ट्रायल करने के लिए चुना गया है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उनको वैक्सीन देने की तैयारी की जा रही है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।