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बड़ी खबर: छत्‍तीसगढ़ में अब लक्षण के आधार पर ही कोरोना का इलाज, सरकार ने बदले प्रोटोकाल

बड़ी खबर: छत्‍तीसगढ़ में अब लक्षण के आधार पर ही कोरोना का इलाज, सरकार ने बदले प्रोटोकाल
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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रायपुर। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज को लेकर राज्य सरकार ने प्रोटोकाल में बड़ा बदलाव किया गया है। नए प्रोटोकाल में अब मरीजों को सिर्फ लक्षण के आधार पर ही दवाएं दी जाएगी। कोरोना संक्रमण के लिए पहले दी जा रही दवाएं (एजिथ्रोमाइसिन, आइवरमेक्टिन, हाईड्रोक्सीक्लोरोक्विन, फेविपिरावीर, डाक्सीसाइक्लिन व अन्य) उपयोग में नहीं ली जाएगी।

छत्‍तीसगढ़ राज्य कोरोना नियंत्रण अभियान के नोडल अधिकारी डा. सुभाष मिश्रा ने बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर दी जा रहीं पहले की दवाओं में देखा गया है कि संक्रमण के इलाज में फायदेमंद साबित नहीं हुए। इसे देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश के बाद संक्रमितों के इलाज के लिए नई गाइड लाइन जारी की गई है।

संक्रमण के दौरान मरीजों में जिस तरह के लक्षण नजर आएंगे, उन्हें उनके आधार पर ही दवाएं दी जाएगी। इधर प्रशासन द्वारा होम आइसोलेशन के मरीजों के लिए भी दवाओं के पैकेट में पैरासिटामाल, लिवोसेट्रिजीन, विटामिन-सी, जिंक टेबलेट दवाएं दी जा रही है।

खुद से ना करें जांच और इलाज

देखा जा रहा है कि कोरोना के लक्षण नजर आने पर मेडिकल स्टोर से किट लाकर जांच व खुद से दवाएं खरीद रहे। स्वास्थ्य विभाग के पास भी संक्रमितों का डाटा नहीं पहुंच रहा है।

सीएमएचओ डा. मीरा बघेल ने कहा है कि कोरोना संक्रमित होने पर मेडिकल स्टोर से खुद से दवाएं खरीदना, सेल्फ किट से कोरोना जांच की प्रवृत्ति घातक है। शासकीय केंद्रों में जांच व इलाज की निशुल्क व्यवस्थाओं का उपयोग करें।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता

The Rural Press के लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकार से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्टिंग।

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