विजयादशमी आज, दिन भर खरीदारी का शुभ मुहूर्त, श्रीराम और शस्त्र पूजा दोपहर 2 बजे के बाद

रायपुर। बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व विजयादशमी आश्विन महीने की दशमी तिथि और श्रवण नक्षत्र के संयोग में आज मनेगा। इसी संयोग में श्रीराम ने रावण का वध किया था। इसलिए, इसे विजय पर्व भी कहते हैं और इस दिन भगवान श्रीराम का पूजन किया जाता है।

बता दें कि शारदीय नवरात्रि के पूरे होने पर दशहरे पर दुर्गा प्रतिमाओं के साथ जवारे विसर्जन का विधान है। द्वापर युग में अर्जुन ने जीत के लिए इसी दिन शमी वृक्ष की पूजा की थी। इस पर्व पर विक्रमादित्य ने शस्त्र पूजन किया था। इसलिए दशहरे पर शमी पूजा और शस्त्र पूजन की परंपरा चली आ रही है।

अबूझ मुहूर्त है विजयादशमी

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार अश्विन महीने के शुक्लपक्ष की दशमी तिथि और श्रवण नक्षत्र के संयोग को स्वयंसिद्धि मुहूर्त कहा गया है। यानी इस दिन किए गए किसी भी काम में सफलता मिलनी तय है। इसलिए इस दिन को अबूझ मुहूर्त कहा गया है। दशहरे पर हर तरह की खरीदारी, नए कामों की शुरुआत, महत्वपूर्ण लेन-देन और निवेश करना फायदेमंद होता है। गुड़ी पड़वा और अक्षय तृतीया को भी अबूझ मुहूर्त माना गया है।

विवाह के अलावा हर तरह के शुभ कार्य का अभिजीत मुहूर्त

दशहरे के वक्त देव शयन चल रहा होता है। इस मुहूर्त में विवाह के अलावा हर तरह के शुभ कार्य हो सकते हैं। आज का हर क्षण शुभ है। इसलिए भवन वास्तु , व्यापार शुभारंभ, यात्रा, शस्त्र-पूजा, कार्यालय शुभारंभ, संपत्ति खरीदारी-बिक्री के लिए दिन में कोई मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं है। अश्विन महीने के शुक्लपक्ष की दशमी पर विजय मुहूर्त का बहुत महत्व है। ये 15 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे से 2:58 तक रहेगा।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।