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बड़ी खबर: चीन ने लद्दाख में चली करगिल जैसी चाल, 1962 के बाद दोबारा धोखा

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नई दिल्ली। लद्दाख में चीन ने अपने सदाबहार दोस्त पाकिस्तान की तरह चालबाजी की है। दरअसल, सेना के कुछ जवानों के कोरोना संक्रमित होने के बाद भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के करीब मार्च के शुरू में होने वाले अपने अभ्यास को कुछ समय के लिए टाल दिया था। इसी का फायदा उठाते हुए चीनी सेना ने रणनीतिक दृष्टि से अहम भारतीय सेना के पेट्रोलिंग वाले इलाके में आगे बढ़ते हुए वहां अपनी पोजीशन मजबूत कर ली। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।


चीन का 1962 की तरह भारत को धोखा


चीन ने भी अपने अभ्यास को एक महीने के लिए स्थगित कर दिया था लेकिन चीन ने चालाकी दिखाते हुए गलवान घाटी और पैंगोंग शो झील के करीब फिंगर एरिया में तुरंत सैनिकों की तैनाती कर दी। चीनी सैनिकों के पहुंचने के कारण दौलद बेग ओलिड और काराकोरम पास से लेह तक जाने के लिए पिछले साल बनाए गए सड़क से संपर्क टूट जाने का खतरा मंडराने लगा है।

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जिसके बाद चीन की चाल को देखते हुए भारत ने सभी कोविड-19 प्रोटोकॉल तोड़ते हुए लेह में तैनात अपने सैनिकों तो तुरंत इलाके में भेज दिया। हालांकि पहले ही चालाकी कर चुके चीन को भारतीय इलाके गलवान और फिंगर इलाके में अहम रणनीतिक बढ़त हासिल हो चुकी थी। सूत्रों ने बताया कि गलवान में चीन के करीब 3,400 सैनिक तैनात हैं जबकि पैंगोंग लेक के करीब 3,600 चीनी सैनिक हैं।

https://www.youtube.com/watch?v=8p0b_RIMoqo&t=19s
Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता

The Rural Press के लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकार से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्टिंग।

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