खबर..खबर..खबर: कोरोना वायरस से रिकवर होने के बाद बदलें अपना टूथ ब्रश, वरना दोबारा हो सकते हैं शिकार
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टीआरपी डेस्क। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को वयस्क कोरोना रोगियों के उपचार प्रबंधन के लिए संशोधित मार्गदर्शन जारी किया, जिसमें गंभीर बीमार होने की सूरत में आपातकालीन उपयोग के तौर पर टोसिलीजुमैब दवा के उपयोग की सिफारिश की गई है।

दवा का उपयोग 24 से 48 घंटे भीतर शुरू करने की सिफारिश

इस दवा का उपयोग बीमारी की शुरुआत अथवा आइसीयू में भर्ती होने के 24 से 48 घंटे के भीतर शुरू करने की सिफारिश की गई है। यह दिशा-निर्देश मंत्रालय के अधीन आने वाले एम्स, आइसीएमआर-कोरोना राष्ट्रीय कार्यबल और संयुक्त निगरानी समूह द्वारा जारी किया गया है। टोसिलीजुमैब दवा का उपयोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है।

चिकित्सा उपकरणों के वितरण की निगरानी

चिकित्सा उपकरणों की वितरण नीति की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल करके हर राज्य में एक उच्चस्तरीय समिति गठित किए जाने के निर्देश देने की मांग की गई है जो चिकित्सा उपकरणों की वितरण नीति की निगरानी करे।याचिका में कहा गया है कि राज्यों में गठित उच्चस्तरीय समितियों को कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की निगरानी भी करनी चाहिए, मसलन आक्सीजन की आपूर्ति, अस्पतालों में बेड्स का समुचित आवंटन, रेमडेसिविर दवा और वैक्सीन की समुचित आपूर्ति। यह याचिका अधिवक्ता विशाल तिवारी ने दाखिल की है जिसमें नासिक के अस्पताल में आक्सीजन टैंक में हुए रिसाव की घटना की जांच के लिए शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय आयोग के गठन के निर्देश देने की मांग भी की गई है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।