छत्तीसगढ़ कोरोना को हराने के करीब, जितने मरीज मिले उससे दोगुना डिस्चार्ज, 144 की मौत
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टीआरपी डेस्क। देशभर में कोरोना वैक्सीनेशन का तीसरा चरण (Corona Vaccination Third Phase) जारी है। कई राज्यों में वैक्सीन की कमी के चलते 18 प्लस का वैक्सीनेशन प्रभावित हो रहा है, ऐसे में वैक्सीन वेस्टेज एक अहम पहलू है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और सरकार की तरफ से राज्यों को वैक्सीन वेस्टेज कम करने को कई बार कहा जा चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए डाटा के मुताबिक देश में तीन राज्य वैक्सीन वेस्टेज के मामले में टॉप पर है। इन राज्यों में हरियाणा, असम और राजस्थान में वैक्सीन वेस्टेज सबसे ज्यादा है।

सबसे ज्यादा वैक्सीन का वेस्टेज हरियाणा में है, जोकि 6.49 फीसदी है. वहीं दूसरे नंबर पर असम है, जिसमें वैक्सीन वेस्टेज 5.92 फीसदी है। तीसरे नंबर पर राजस्थान है, जिसमें वैक्सीन वेस्टेज का आंकड़ा 5.68 फीसदी है। वैक्सीन वेस्टेज में चौथे नंबर पर मेघालय है, जहां 5.67 फीसदी कोरोना टीका वेस्ट हुआ है। वहीं बिहार में 5.20 फीसदी, मणिपुर में 5.19 फीसदी, पंजाब में 4.94 फीसदी, दादर एन्ड नागर में 4.85, तमिलनाडु में 4.13 जबकि नागालैंड में वैक्सीन वेस्टेज 3.36 फीसदी है।

देश में अब तक इतने लोगों को लगी वैक्सीन

देश में अब तक 17,27,10,066 वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के जारी किए गए डाटा के मुताबिक अब तक 3.72 करोड़ लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज और 13.54 करोड़ लोगों को एक डोज लगाई गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश भर में 25 लाख से ज्यादा लोगों का वैक्सीनेशन सिर्फ सोमवार को किया गया।

18 प्लस के 5 लाख से ज्यादा को पहली डोज

देश में एक दिन में 18 प्लस के 5 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई है। 18 से 44 साल के आयुवर्ग के 5,18,479 लोगों को सोमवार को पहली डोज मिली, जिससे वैक्सीनेशन अभियान के तीसरे चरण के शुरू होने के बाद से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वैक्सीन लगवाने वाले इस श्रेणी के लोगों की संख्या बढ़कर 25,52,843 हो गई है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।