भारतीयों की यात्रा पर रोक
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टीआरपी डेस्क। डेल्टा और डेल्टा+ वेरिएंट के कारण काफी समय से दुनिया के अधिकांश देशों ने भारत पर यात्रा पाबंदियां लगा रखी हैं। हालांकि अमेरिका समेत कुछ देशों ने विद्यार्थियों, पेशेवरों आदि को छूट दी है। वहीं कई देशों ने भारतीयों को यात्रा की इजाजत तो दी है, लेकिन वह सशर्त है। यानी वहां निगेटिव जांच रिपोर्ट के अलावा क्वारंटाइन रहने के नियम भी हैं, जिनका अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।

इन देशों में मिली इजाजत तो यहां है रोक 

रूस, सर्बिया, कोस्टा रिका, मिस्र, घाना, दक्षिण अफ्रीका, अफगानिस्तान, किरगिस्तान, अल्बानिया। इन देशों में जाने वाले भारतीयों क्वारंटाइन भी होने की जरूरत नहीं है। यहां जाने के लिए सिर्फ निगेटिव जांच रिपोर्ट ही चाहिए।

तुर्की: भारतीयों को आने की इजाजत तो दी है, लेकिन निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट के साथ ही 14 दिन क्वारंटाइन रहना भी अनिवार्य है।

दक्षिण कोरिया: भारतीयों पर यात्रा पाबंदी नहीं है। जिन्हें कोविशील्ड की दोनों खुराक लग चुकी है, उन्हें 14 दिन के अनिवार्य क्वारंटाइन नियम से भी छूट दे दी गई है। जिन लोगों को कोवाक्सिन की खुराक लगी है, उन्हें क्वारंटाइन रहना होगा।

अमेरिका: भारत से आवाजाही पर पाबंदी जारी है, लेकिन विद्यार्थियों वीजा पर यात्रा की जा सकती है। इसी तरह नौकरी पेशा व कुछ अन्य श्रेणी के लोगों को भी छूट दी गई है। इस बारे में कंपनियों व शिक्षा संस्थानों के नियमों का पालन करना होगा।

जर्मनी: भारतीय विद्यार्थियों को अभी आने की इजाजत नहीं दी गई है। भारत मे जर्मनी के राजदूत वाल्टर जे. लिंडर ने ट्वीट कर बताया कि चूंकि डेल्टा वेरिएंट तेजी से फैल रहा है, इसलिए यात्रा पाबंदी हटाना आसान नहीं है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।