पंडो आदिवासियों से रिश्वत मांगना पड़ा महंगा, डीएफओ ने बीट गार्ड को किया निलंबित
पंडो आदिवासियों से रिश्वत मांगना पड़ा महंगा, डीएफओ ने बीट गार्ड को किया निलंबित

कोरबा। वनमण्डल कटघोरा के चैतमा उप वनपरिक्षेत्र के तेलसरा बीट के बीटगार्ड के द्वारा वहां के पंडो जनजाति के लोगों से अवैध वसूली करना महंगा पड़ गया।

शिकायत व जांच के बाद कटघोरा डीएफओ शमां फ़ारूक़ी ने आरोपी बीटगार्ड भीमसिंह पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं उनकी पत्नी पर भी इस तरह के आरोप थे लेकिन, मातृत्व अवकाश में होने की वजह से उनपर कोई कार्रवाई की जा सकी है।

शिकायत थी कि संरक्षित पंडो जनजाति के लोगों के साथ बीटगार्ड ने बदसलूकी भी की थी और राशि नहीं देने पर सभी को गांव से खदेड़ने की धमकी भी दी थी।

डीएफओ शमां फ़ारूक़ी ने बताया कि वन अधिकार पट्टे के नाम पर उनके मातहत बीटगार्ड भीमसिंह पटेल और उसकी पत्नी द्वारा अवैध उगाही की शिकायत मिली थी, जिसके बाद पाली एसडीओ वाई के डड़सेना की अगुवाई में जांच टीम का गठन किया गया था।

एसडीओ पाली ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट डीएफओ को सौंप दिया। जांच रिपोर्ट में बीटगार्ड पर लगे सभी आरोप पूरी तरह सही पाए गए थे जिसके बाद वनमंडलाधिकारी ने भीमसिंह को सस्पेंड कर दिया।

जांच में पाया गया कि दोनों बीट गार्ड ग्रामीणों से वन अधिकार पट्टा के लिए पैसों की लगातार मांग कर रहे हैं। अब तक 4 लोगों से कुल 25 हजार रुपए की रकम ली जा चुकी है। अपनी शिकायत में ग्रामीणों ने ये भी बताया कि दोनों बीट गार्ड पैसे नहीं देने पर पट्टे के आवेदन को अपात्र घोषित करने की धमकी देते थे।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।