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बाजार से गायब हो गईं ब्लैक फंगस की दवाएं, औषधि विक्रेताओं को दवाओं का रिकॉर्ड रखने के निर्देश

बाजार से गायब हो गईं ब्लैक फंगस की दवाएं, औषधि विक्रेताओं को दवाओं का रिकॉर्ड रखने के निर्देश
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में जब से ब्लैक फंगस का प्रकोप शुरू हुआ है, तब से इसके इलाज के काम में आने वाली दवाएं या तो महँगी हो गई हैं या फिर ब्लैक में बेचने के लिए मार्केट से गायब कर दी गईं हैं। इस बीच नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एक आदेश जारी करते हुए लिखा है कि ब्लैक फंगस की समस्या में काम आने वाली दो दवाओं के स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से दी जाए।

ये दवाएं ब्लैक फंगस के इलाज में आती हैं काम

कोरोना के इलाज के दौरान ओवरडोज के चलते लोग ब्लैक फंगस का शिकार बन रहे हैं। जानकर बताते हैं कि ब्लैक फंगस के निवारण में पोसाकोनाजोल और एम्फोटेरेसिन -बी नामक दवाएं काम आती हैं। पता चला है कि ये दोनों दवाएं यहाँ की दवा दुकानों में मिल ही नहीं रहीं हैं। और अगर मिल भी रही है तो निर्धारित दर से ऊँची कीमत पर।

नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा समस्त औषधि नियंत्रक, उप संचालक, औषधि प्रशासन को जारी पत्र में उल्लेख किया है कि ब्लैक फंगस की रोकथाम के लिए पोसाकोनाजोल और एम्फोटेरेसिन -बी नामक औषधियों की जरुरत पड़ती है, जिसकी नियमित आपूर्ति किया जाना अति आवश्यक है। अतः सभी को नर्देशित किया जाता है कि समस्त होलसेलर, स्टॉकिस्ट, और सी एन्ड एफ उक्त औषधियों की वर्तमान में उपलब्ध मात्रा प्रतिदिन बताएँगे, साथ ही तत्संबंध में औषधि प्रतिष्ठानों को निर्देशित करना सुनिश्चित किया जाये।

 

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Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता

The Rural Press के लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकार से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्टिंग।

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