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गडकरी ने भी माना पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से हैं लोग परेशान, लोगों में बढ़ा गुस्सा... दिया यह विकल्प

गडकरी ने भी माना पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से हैं लोग परेशान, लोगों में बढ़ा गुस्सा... दिया यह विकल्प
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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टीआरपी डेस्क। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है। विपक्षी दल भी इसे मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का भी कहना है कि बढ़ती कीमतों से लोगों में गुस्सा है, हालांकि इसके प्रभाव को कम करने के लिए उन्होंने वैकल्पिक ईंधन के प्रयोग पर जोर दिया। नितिन गडकरी ने सीएनजी, एलएनजी और इथेनॉल के प्रयोग पर जोर देने की बात कही जिससे लोगों पर बोझ कम पड़ेगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने देश के पहले लिक्विफाइड प्राकृतिक गैस (LNG) फिलिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि एलएनजी, सीएनजी या इथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन के अधिक उपयोग से पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी से राहत मिलेगी। जिसको लेकर अब लोगों में गुस्सा भी बढ़ रहा है। गडकरी ने कहा कि वाहन ईंधन के रूप में इथेनॉल का उपयोग करने से पेट्रोल के मुकाबले कम से कम 20 रुपये प्रति लीटर बचाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय ऑटोमोबाइल निर्माताओं को उनके उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए फ्लेक्स-फ्यूल इंजन के लिए एक नीति की घोषणा कर सकता है। ये इंजन एक से अधिक ईंधन और ईंधन के मिश्रण पर भी चल सकते हैं। उन्होंने कहा कि इथेनॉल, मेथनॉल और बायो-सीएनजी जैसे स्वदेशी ईंधन आयातित कच्चे तेल को प्रतिस्पर्धा देंगे और उपभोक्ताओं के लिए सर्वोत्तम मूल्य प्राप्त करने का यही एकमात्र तरीका है। गडकरी ने कहा कि उन्होंने सरकार से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र का निजीकरण करने का आग्रह किया है।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव किए जाने के बाद नितिन गडकरी से माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) मंत्रालय का प्रभार ले लिया गया है। अब यह मंत्रालय महाराष्ट्र से भाजपा नेता व पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे को दिया गया है। गडकरी से MSME मंत्रालय का प्रभार लिए जाने के फैसले पर कुछ लोगों ने सवाल भी खड़े किए। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर कई रिएक्शन सामने आए।

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Rverma
लेखक / पत्रकार:

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विशेष संवाददाता

The Rural Press के लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकार से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्टिंग।

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