टीआरपी डेस्क। शराबबंदी को लेकर विपक्ष लगातार प्रदेश के संस्कृति मंत्री अमर जीत भगत पर हमला बोल रहे हैं। इस बीच सोमवार को पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने संस्कृति मंत्री की तुलना मेंढक से कर डाली। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि ‘मंत्री जी को सुनाई नहीं देता! बरसाती मेंढक और प्रदेश के मंत्री में यही समानता है कि ये केवल चुनाव के समय में ही टर्र-टर्र करते हैं। जब काम की बात हो इन्हें सुनाई नहीं देता? ऐसा ही हाल यहां के सभी मंत्रियों का है, जो केवल चुनाव के समय ही बड़ी-बड़ी हांकते हैं।’
https://twitter.com/maheshgagdabjp/status/1409411971242360841?s=20
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शराबबंदी के सवाल पर हुए ट्रोल
हाल ही में प्रदेश के संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत राजनांदगांव के जिले के प्रभारी मंत्री बनाए गए हैं। इसके बाद वह पहली बार जिले के प्रवास पर पहुंचे थे। उनका जगह-जगह स्वागत हुआ। फिर डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। प्रदेश की खुशहाली, अच्छी बारिश व अच्छी फसल की कामना भी की। इसके बाद पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछ लिया कि आप संस्कृति मंत्री हैं। शराब से संस्कृति भ्रष्ट हो रही। आप क्या कहेंगे? इस पर मंत्री जी ने जवाब दिया कि उन्हें सुनाई ही नहीं दिया। मंत्री अमरजीत भगत ने शराबबंदी के सवाल पर जैसे ही ये कहा कि उन्हें बात सुनाई नहीं दी, बुरी तरह से ट्रोल हुए।यह भी पढ़े: Breaking News : राजधानी में सिनेमा हॉल हुए अनलॉक, थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही मिलेगा प्रवेश
इसके बाद कांग्रेस पार्टी की तरफ से प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने रविवार को कहा था, 'तथ्यों को समझे बिना ही भाजपा नेता इस मामले को तिल का ताड़ बना रहे हैं। हो सकता है कि मंत्री ने पत्रकार का सवाल न सुना हो। वहां पर भीड़-भाड़ भी थी। भाजपा नेताओं की आदत है तथ्यों को समझे बिना ही बयान बाजी करना। मुद्दों के दिवालियापन से जूझ रहे हैं भाजपा नेता इसलिए उलूल-जुलूल बयानबाजी कर रहे हैं।'
