टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में रविवार की दोपहर बड़ी तादाद में जुटकर ग्रामीणों ने अपने परिवार या गांव के लोगों को रिहा करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि कई आदिवासियों को नक्सल और जंगल से जुड़े अन्य प्रकरणों में फंसाकर जेलों में बंद कर दिया गया है।

सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले के ग्रामीण इलाके के लोग जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा जाने की कोशिश कर रहे थे। इस बीच हथियार बंद पुलिस जवानों ने इन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

बड़ी तादाद में महिलाएं, बुजुर्ग बच्चे नकुलनार, श्यामगिरि,पालनार इलाके में जमा हो गए थे। यह सभी विरोध प्रदर्शन और रैली करने के लिए दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय जाना चाह रहे थे। प्रशासन ने कोरोना संक्रमण के खतरे की वजह लोगों को रैली की अनुमति नहीं दी। ग्रामीण 50 से 100 किलोमीटर का पैदल सफर करते हुए यहां पहुंचे थे। पुलिस ने सातधार इलाके में बैरिकेडिंग कर रखी है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।