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CG Congress: कांकेर एफसीआई गोदाम में प्रतिबंधित चावल मिलने पर कांग्रेस का भाजपा सरकार पर हमला, गरीबों की थाली में जहर परोस रही सरकार

CG Congress: कांकेर एफसीआई गोदाम में प्रतिबंधित चावल मिलने पर कांग्रेस का भाजपा सरकार पर हमला, गरीबों की थाली में जहर परोस रही सरकार
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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Fortified Rice Kernel: छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर राशन और चावल की गुणवत्ता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि कांकेर स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदाम में प्रतिबंधित फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) का मिलना बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला है।

इस घटना ने खाद्य सुरक्षा और सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी का कहना है कि इसका स्पष्ट जवाब भाजपा सरकार को देना होगा, क्योंकि गरीबों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रतिबंधित चावल सरकारी गोदाम तक कैसे पहुंचा?

कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि जब छत्तीसगढ़ में इस विशेष चावल के उपयोग पर प्रतिबंध है, तो यह सरकारी गोदामों तक आखिर कैसे पहुंचा? किसकी अनुमति और किसके आदेश पर इसकी आपूर्ति की गई तथा किसकी निगरानी में इसे भंडारित किया गया?

राशन दुकानों में गड़बड़ी और घटिया चावल की शिकायतें

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में इन दिनों गरीबों को दो माह का राशन एकमुश्त वितरित किया जा रहा है। इस दौरान लगातार चावल की कमी, घटिया गुणवत्ता, तथा सड़े और बदबूदार चावल मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। एफसीआई गोदाम में प्रतिबंधित एफआरके मिलने से यह गंभीर आशंका पैदा हो गई है कि क्या ऐसा संदिग्ध चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए गरीब परिवारों तक भी पहुंचाया जा रहा है।

सरकार तत्काल नमूनों की जांच कर रिपोर्ट करे सार्वजनिक

प्रदेश कांग्रेस ने मांग की है कि राज्य सरकार तत्काल प्रभाव से प्रदेशभर की राशन दुकानों और गोदामों में उपलब्ध चावल के नमूनों की उच्चस्तरीय जांच कराए। सरकार को यह जांच रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आम जनता को किस दर्जे का खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है।

सरकारी निगरानी और मिलीभगत पर गंभीर सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि चावल की आपूर्ति, भंडारण और वितरण में सुनियोजित तरीके से अनियमितताएं की जा रही हैं। घटिया चावल की सप्लाई के जरिए भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में गरीबों के राशन को लेकर बार-बार शिकायतें सामने आना यह साबित करता है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है।

रमन सरकार के 'नान घोटाले' की यादें ताजा

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती रमन सरकार के कार्यकाल में बहुचर्चित नान (NAN) घोटाले की यादें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं। अब एक बार फिर चावल की गुणवत्ता और भंडारण में उसी तर्ज पर हेराफेरी की जा रही है। जिन गरीब परिवारों के लिए सरकारी राशन जीवनयापन का एकमात्र और मुख्य सहारा है, उन्हें मजबूरी में संदिग्ध गुणवत्ता का चावल लेना पड़ रहा है।

कांग्रेस की तीन सूत्रीय मांगें

कांग्रेस पार्टी ने सरकार के सामने स्पष्ट मांग रखी है कि कांकेर एफसीआई गोदाम में मिले एफआरके की तत्काल जब्ती की जाए। इसके स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और इसके उपयोग की गहराई से जांच हो। साथ ही, जहां भी मानकों के विपरीत चावल मिले, उसे तुरंत वितरण से रोका जाए।

प्रभावित हितग्राहियों को मिले गुणवत्तापूर्ण चावल

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जांच में गरीबों को घटिया या संदिग्ध चावल वितरित किए जाने की पुष्टि होती है, तो उस प्रभावित स्टॉक को तत्काल वापस लिया जाए। इसके स्थान पर सभी पात्र हितग्राहियों को मानक और उच्च गुणवत्ता वाला चावल उपलब्ध कराया जाए, अन्यथा कांग्रेस इसके खिलाफ बड़ा जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

राजनीति एवं समसामयिक मामलों के संवाददाता

छत्तीसगढ़ व राष्ट्रीय राजनीति, विधानसभा सत्र एवं चुनावी समीकरणों पर बारीक नज़र।

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