‘किसान’ पर घमासान, कांग्रेस के सवाल पर भाजपा का पलटवार,सोशल मीडिया पर बीजेपी नेताओं की सूची जारी होने के बाद मचा बवाल

'किसान' पर घमासान, कांग्रेस के सवाल पर भाजपा का पलटवार,सोशल मीडिया पर बीजेपी नेताओं की सूची जारी होने के बाद मचा बवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार द्वारा किसानों को धान खरीदी की बचत राशि देने के लिए लागू किए गए राजीव गांधी किसान न्याय योजना को विपक्ष भाजपा द्वारा किसान अन्याय योजना कहे जाने पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।


कांग्रेस पार्टी संचार विभाग के सदस्य आरपी सिंह ने एक बयान जारी करके कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना का अगर विरोध करना है तो पहले भाजपा नेता अपने खाते में आए हुए पैसे को वापस करें। उन्होंने एक सूची जारी करके यह बताया है कि भारतीय जनता पार्टी के किन बड़े नेताओं को इस योजना से कितनी आर्थिक मदद मिली है।


आरपी सिंह ने कहा, डॉ रमन सिंह ने अपने कार्यकाल में हमेशा किसानों को छलने का काम किया है कभी भी किसानों के प्रति की गई घोषणाएं उनकी सरकार ने पूरी नहीं की है। चाहे मामला भू अधिग्रहण का हो या फिर बोनस का ही क्यों ना हो।


आरपी सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत मिले हुए पैसों से भारतीय जनता पार्टी की सहमति नहीं है तो कृपया भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेतागण इस न्याय योजना के तहत मिली हुई राशि को तत्काल मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कर दें ताकि यह राशि प्रदेश में फैल रहे कोरोना संक्रमण से लड़ने के काम आ सके।


नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक बोले. किसान किसी पार्टी का नहीं,यह ओछी राजनीति

कांग्रेस संचार विभाग द्वारा राजीव गांधी किसान योजना में लाभ पाने वाले भाजपा नेताओं की सूची सोशल मीडिया में जारी करने को नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने ओछी राजनीति बताया है। कौशिक ने कहा कि हमारे शासनकाल में भी धान खरीदी हुई थी, हमने ये नहीं देखा कि वो किस पार्टी के नेता है। किसान किसी पार्टी का नहीं होता। जिनके धान की खरीदी हुई है उन सबको इसकी राशि दी गई है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस के द्वारा सोशल मीडिया में जो लिस्ट जारी वो अनुचित और ओछी मानसिकता का प्रतीक है। यह राशि किसी नेता को नहीं,बल्कि छत्तीसगढ़ के किसानों को राशि दी गई है।

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