रायपुर। रविवार को पुजारी पार्क के पीछे वाले रास्ते से दोपहर 12 बजे एक बस बेतहाशा भागी जा रही थी।उसके पीछे एक टाटा सुमों में कुछ अधिकारी भी पुजारी पार्क की ओर जा रहे थे। बाद में पता चला किशनिवार को जिन किन्नरों की शादी वहां हुई थी उन्होंने आयोजकों को ही बंदी बना लिया था, और उनसेडेढ़-डेढ लाख रुपए प्रति जोड़े को देने की मांग की जा रही थी। मामले की खबर जैसे ही प्रशासनिकगलियारे में पहुंची हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस लाइन से जवानों को लेकर एक सफेद रंग कीबस रवाना हुई और पुजारी पार्क में तीर की तरह घुसी, उसके पीछे अधिकारियों को लेकर दूसरा वाहन भीपहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने वहां मौजूद किन्नरोें से बातचीत करनी शुरू की । इसके बाद उनका सेटेलमेंटकराया गया।
क्या है पूरा मामला:
दरअसल बताया जा रहा है कि आयोजक चित्राग्रही फिल्मस मुंबई ने प्रत्येक जोड़ों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये
देने का वादा किया था, लेकिन शादी के बाद आयोजक अपने वादे से मुकरने लगे । मौके पर पहुंचे पुलिसअधिकारियों ने आयोजकों को समझाईश दी। इसके बाद तय हुआ कि आयोजक आधा पैसा नगद औरआधे पैसे का भुगतान चेक के माध्यम से करेंगे। इसके लिए आयोजकों ने शाम 4 बजे तक का समय मांगा है।दरअसल शनिवार को किन्नरों के 15 जोड़ों का सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था। कल देर शामको पुजारी पार्क में सभी जोड़ों की शादी हिन्दू रीति-रिवाजों से की गई। नागपुर से आए पंडितों ने मंत्रोच्चारके साथ विधि-विधान से इन जोड़ों की शादी कराई गई, जिन जोड़ों की शादी कराई गई, वे मध्यप्रदेश, गुजरात,महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल से आए हैं। शादी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू सहितबड़ी संख्या में लोगों ने इस कार्यक्रम में शिरकत की थी। पहली बार देश में इस तरह से किन्नरों की शादी का
आयोजन किया गया। उसके बाद सुबह होते ही पैसों को लेकर छीछालेदर भी शुरू हो गई।
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