रायपुर। लोकसभा चुनाव 2019 के तीसरे चरण में 23 अप्रैल को सात लोकसभा क्षेत्रों में होने वाले मतदान को लेकर थोक में बसों के अधिग्रहित किए जाने से प्रदेश में बस यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।बसों का उपयोग चुनाव सामग्री व मतदान दलों को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने और लाने हेतु किया जा रहा है। इनमें बड़ी संख्या में यात्री बसें भी है। यात्री बसों के अधिग्रहित किये जाने के कारण बसों में सफर करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।बस नहीं मिलने से यात्रियों को बसों के लिए भटकना पड़ रहा है। बस अगर मिल भी जाती है तो बसों की संख्या कम होने कारण उनमें खचाखच भीड़ देखी जा रही है। साथ ही यात्रियों की मजबूरी देखते हुए बस चालक उनसे दोगुना वसूली भी कर रहे हैं।भीड़ के कारण यात्री बसों में भेड़-बकरियों की तरह सफर करने में मजबूर हो रहे है। यहीं नहीं बसों में जगह नहीं मिलने के कारण कई यात्री तो ट्रेनों का भी सहारा ले रहे है, हालांकि रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में उन्हें दूसरे सवारी वाहनों का भी सहारा लेना पड़ रहा है।
See also  Top Maoist : 25 साल बाद हथियार डालने को तैयार शीर्ष नक्सल नेता! कमलू पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर…
सोमवार को भी राजधानी रायपुर समेत प्रदेश में यहीं हाल रहा। लोग बसों के लिए भटकते नजर आये। फिलहाल यात्रियों कि ये परेशानी अभी तीन दिन तक यू ही बनी रहने वाली है।मतदान दलों को लेकर जाने के बाद 24 अप्रैल तक ही ये बसें लौटेगी जिसके बाद ही सब कुछ सामान्य हो सकेगा। Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें।