रायपुर। निलंबित आईपीएस अधिकारी मुकेश गुप्ता की स्टेनो रह चुकी रेखा नायर की मुश्किलें लगातारबढ़ती जा रही हैं। ईओडब्ल्यू को लेकर मीडिया में की गई टिप्पणी पर रेखा नायर को नोटिस भेजा गया है,जिसमें उन्होंने ईओडब्ल्यू पर क्राइम ब्रांच की तरह काम करने का आरोप लगाया था। साथ ही कहा था किउनके विरूद्ध षडयंत्रपूर्वक कार्यवाही की जा रही है। ईओडब्ल्यू द्वारा रेखा नायर को नोटिस देकर सातदिनों के भीतर जवाब तलब किया है। नोटिस में पूछा गया है कि मीडिया में की गई टिप्पणी सिविल सेवा(आचरण) नियम 1965 की कंडिका 10 तथा पु.रे. पैरा 64 (3) एं (4) का उल्लंघन है, ऐसे में क्यों नाअनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए? आपको बता दें कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद ईओडब्ल्यू की नोटिस पर रेखा नायर 22 अप्रैल को दफ्तरपहुंची थी। जहां उन्होंने अपना प्रारंभिक बयान दर्ज कराया है। ईओडब्ल्यू की अधिकारियों की मौजूदगी में
See also  लगातार तीसरे दिन टूटा कोरोना का रिकॉर्ड: पिछले 24 घंटे में सर्वाधिक 14,516 नए मरीज, 375 लोगों मौत
उनके घर का सील भी खुलवाया गया था। इस दौरान नायर ने मीडिया से बातचीत के दौरान आरोप लगायाथा कि उनके विरूद्ध षडयंत्रपूर्वक कार्यवाही की जा रही है। साथ ही उनके परिवार वालों को भी परेशानकरने के साथ मारपीट की जा रही है। उन्होंने मीडिया के समक्ष यह भी कहा था कि उनके द्वारा किसी तरहकी अनुपातहीन संपत्ति अर्जित नहीं की गई है। 

जांच के बीच कोर्ट जाने पर भी नोटिस :

ईओडब्ल्यू ने रेखा नायर को भेजे गए एक दूसरे नोटिस में कहा है कि संतान पालक अवकाश रद्द किए जानेकी सूचना दिए जाने के बावजूद वह गैरहाजिर रहीं। कई नोटिस के बाद भी कर्तव्य में उपस्थित नहीं हुईं।कार्यालय में उपस्थित होने के लिए लगातार नोटिस जारी किया गया, बावजूद इसके कार्यालय में न आकरसीधे कोर्ट में इस मामले को लेकर लगाई गई याचिका पुलिस रेग्युलेशन की कंडिका 275 अ के तहत उचित
See also  लोकसभा चुनाव: कांग्रेसी खेमे में आया भूचाल, इस नेता ने प्रदेश अध्यक्ष को लिखा पत्र, लगाया 5 करोड़ 89 लाख रुपए के गबन का आरोप
प्रणाली से निवारण न करते हुए सीधे कोर्ट जाना अनुशासनहीनता है। ईओडब्ल्यू ने इस मामले में भी रेखानायर से सात दिवस के भीतर जवाब मांगा है।  Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें।