TRP ने “गढ़ कलेवा का 3 साल में 5 करोड़ का टर्नओवर, ना बही ना खाता” शीर्षक के नाम से खबर को प्रमुखता से उठाया था

रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर में संचालित गढ़कलेवा (Gadhakaleva) में व्याप्त भ्रष्टाचार और अधिकारियों की कमीशनखोरी के मसले पर खाद्यमंत्री अमरजीत भगत (Food Minister Amarjeet Bhagat) ने तल्ख तेवर दिखाते हुए न्यायसंगत तरीके से जांच कराकर उचित कार्यवाही की बात कही है। द रूरल प्रेस के संवाददाता के सवाल पर खाद्य मंत्री ने कहा है कि गढ़कलेवा के संचालन का जिम्मा बेहतर हाथों में सौंपने री-टेंडर की प्रक्रिया की जाएगी। साथ ही हकदार संस्था को गढ़कलेवा की कमान सौंपी जाएगी।

बता दें कि द रूरल प्रेस ने गढ़ कलेवा का 3 साल में 5 करोड़ का टर्नओवर, ना बही ना खाता शीर्षक के नाम से खबर को प्रमुखता से उठाया था। इस खबर ने गढ़कलेवा से जुड़े भ्रष्टाचारियों की नींद उड़ाकर रख दी थी। इधर इस मसले पर जब खाद्य मंत्री के तल्ख़ तेवर के बाद प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गयी है।

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खाद्य मंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस में गिनाई विभाग की उपलब्धियां

छत्तीसगढ़ सरकार ने सामान्य परिवारों को भी राशन देने का फैसला किया था। इस फैसले के बाद अब सामान्य वर्ग के लोगों का भी राशन कार्ड बनाया जा रहा है। प्रदेश भर में सरकार ने इसके लिए व्यापक अभियान चलाकर लोगों से एपीएल कार्ड के लिए आवेदन लिए थे। इसी कड़ी में अब तक प्रदेश भर में तकरीबन आठ लाख से अधिक एपीएल कार्ड के लिए आवेदन किए गए है। जिनमें पाँच लाख के करीब कार्ड बनाए गए है।

करीब 58 लाख लोगों का राशन कार्ड गरीबी रेखा में बनाया गया

प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सामान्य लोगों को भी सरकार राशन देगी जिसके चलते उनका कार्ड बनाया जा रहा है। मंत्री ने अपने विभाग की उपलब्धि बताते हुए कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश भर के करीब 58 लाख लोगों का राशन कार्ड गरीबी रेखा में बनाया है जिनको राशन दिया जा रहा है। उन्होने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य सरकार बस्तर संभाग में रियायति दरों पर गुड़ का वितरण भी करेगी।

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