5000 श्रद्वालु प्रतिदिन के हिसाब पड़ोसी देश को होगी हर दिन होगी 1 लाख डालर की कमाई

टीआरपी डेस्क। कंगाल पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर से कमाई से भी बाज नहीं आया। पाकिस्तान

करतारपुर आने वाले हर श्रद्वालु से 20 डालर शुल्क लेने पर अड़ा हुआ है। हालांकि भारत कुछ शर्तों के

बुधवार को पैक्ट पर साइन करने के लिए तैयार हो गया है मगर पाकिस्तान के करतूत की देशभर में

निंदा हो रही है। कहा जा रहा है कि कंगाली के कगार पर खड़े पाकिस्तान को अब आस्था के नाम पर

भी कमाई से शर्म नहीं आ रही है।

बता दें विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जानकारी दी है कि भारत ने पाकिस्तान के साथ करतारपुर

समझौते पर हस्ताक्षर करने की सहमति दी है। उन्होंने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर जाने वाले श्रद्धालुओं

को पाकिस्तान द्वारा वीजा फ्री एक्सेस देने के लिए 23 अक्टूबर को पैक्ट पर साइन करने के लिए केंद्र

सरकार तैयार है। 12 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर शुरू करने की योजना है। केंद्र सरकार ने 20 डॉलर

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की राशि को हटाने की मांग फिर से की है।

 

आस्था के नाम पर कारोबार कर रहा है पाकिस्तान: हरसिमरत

केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने करतारपुर साहिब गुरुद्वारा के दर्शनार्थ जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं

से सेवा शुल्क के रूप में 20 डॉलर वसूल करने पर अड़े रहने के लिए पाकिस्तान की निंदा करते हुए कहा

है कि पड़ोसी देश आस्था के नाम पर कारोबार कर रहा है।

हरसिमरत ने ट्वीट किया, पाकिस्तान द्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए 20 रुपए डॉलर प्रति व्यक्ति

शुल्क लगाया जाना घटियापन है। गरीब श्रद्धालु कैसे यह रकम देगा? पाकिस्तान ने आस्था के नाम पर

कारोबार किया है। इमरान खान का यह बयान बेहद शर्मनाक है कि यह शुल्क पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था

को मजबूत करेगा और इससे विदेशी मुद्रा प्राप्त होगी। इससे पहले, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने

भी 20 डॉलर सेवा शुल्क मांगने पर पाकिस्तान की निंदा करते हुए था कि यह ऐतिहासिक गुरुद्वारे के दर्शन

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के लिए ‘टिकट लगाने के समान है। दोनों देशों के बीच पिछले महीने बैठक के तीसरे दौर में भारत ने 20

डॉलर सेवा शुल्क के मामले पर पाकिस्तान के लगातार अड़े रहने पर निराशा जताई थी और उससे इस पर

पुनर्विचार करने का कहा था।

 

सिख धर्म का क्या है करतारपुर से कनेक्शन :

सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व के मद्देनजर इस गलियारे को नवंबर में खोला

जाएगा। पाकिस्तान भारतीय सीमा से करतारपुर स्थित गुरूद्वारा दरबार साहिब तक गलियारे का निर्माण

कर रहा है, जबकि पंजाब में गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से सीमा तक गलियारे का दूसरा हिस्सा

भारत बना रहा है।

 

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