पीएम मोदी की बयानबाजों को नसीहत

टीआरपी डेस्क। पीएम मोदी ने रविवार को प्रसारित मन की बात को संबोधित करते हुए कहा कि 2010 में

इलाहाबाद हाईकोर्ट का राम मंदिर मामले पर जब फैसला आना था तो देश में कुछ बड़बोले लोगों ने क्या-क्या

बोला था और कैसा माहौल बनाया गया था। ये सब पांच-दस दिन तक चलता रहा।

 

लेकिन, जैसे ही फैसला आया तो राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, सभी संप्रदायों के लोगों, साधु-संतों और

सिविल सोसाइटी के लोगों ने बहुत संतुलित बयान दिया था। न्यायपालिका के गौरव का सम्मान किया। एकता का

स्वर, देश को, कितनी बड़ी ताकत देता है उसका यह उदाहरण है।

 

उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि 31 अक्टूबर की तारीख आप सबको जरूर याद होगी। यह दिन भारत के

लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्म जयंती का है। हम सब जानते हैं कि भारत के प्रथम गृह मंत्री के

रूप में सरदार वल्लभभाई पटेल ने रियासतों को एक करने का एक बहुत बड़ा भागीरथ और ऐतिहासिक

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काम किया। 31 अक्टूबर को हर बार की तरह रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया जा रहा है जिसमें समाज के

हर वर्ग और हर तबके के लोग शामिल होंगे। ‘रन फॉर यूनिटी’ इस बात का प्रतीक है कि यह देश एक है।

एक दिशा में चल रहा है और एक लक्ष्य को प्राप्त करना चाहता है। एक लक्ष्य- एक भारत श्रेष्ठ भारत।

 

खास बातें

पीएम मोदी ने कहा कि पिछली मन की बात में हमने तय किया था कि इस दीपावली पर कुछ अलग करेंगे।

मैंने कहा था आइए, हम सभी इस दीपावली पर भारत की नारी शक्ति और उनकी उपलब्धियों को सेलिब्रेट करें,

यानी भारत की लक्ष्मी का सम्मान करें।

 

उन्होंने कहा कि 31 अक्टूबर को हमारे देश की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा जी की हत्या हुई थी। देश को एक

बहुत बड़ा सदमा लगा था। मैं आज उनको भी श्रद्धांजलि देता हूं।

 

पीएम मोदी ने देशवासियों को दीप पर्व दीपावली की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आजकल दुनिया के अनेक देशों

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में दिवाली मनाई जाती है। विशेष बात यह है कि इसमें सिर्फ भारतीय समुदाय ही शामिल नहीं होता बल्कि अब

कई देशों की सरकारें और वहां के नागरिक दिवाली में शामिल होते हैं।

 

पीएम मोदी ने कहा कि गुरु नानक जी ने निस्वार्थ भाव से सेवा की। उनके इस सेवाभाव से कई सारे संत भी प्रभावित

हुए। गुरुनानक देव जी ने अपना संदेश दुनिया में दूर-दूर तक पहुंचाया। वे अपने समय में सबसे अधिक यात्रा करने

वालों में से थे। गुरुनानक देव जी छुआछूत जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ मजबूती के साथ खड़े रहे।

 

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