एक बार फिर प्याज की किमत आसमान छू रही है, 50 प्रतिशत फसल ख्रराब होने के अनुमान, पिछले साल खरीब 62 लाख टन प्याज (Onion) का उत्पादन हुआ था, जो इस साल घटकर 34 लाख टन के आसपास है।

नई दिल्ली। प्याज की कीमतों (Onion Prices) पर आम जनता को जल्द राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

सूत्रों के मुताबिक, खरीफ फसलों की प्याज पर करीब 50 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई।

 

इस साल प्याज की पैदावार पिछले साल के मुकाबले आधा रहेगा। वहीं पिछले साल करीब 62 लाख टन प्याज

का उत्पादन हुआ था, जो इस साल घटकर 34 लाख टन के आसपास रहेगा।

जानिये प्याज की किमतों की वजह…!

महाराष्ट्र और कर्नाटक में काफी बारिश और बाढ़ देखने को मिली। उसका असर प्याज के प्रोडक्शन पर

देखने को मिलेगा। पिछले साल कर्नाटक के अंदर करीब 30 लाख टन प्याज का उत्पादन हुआ था, जो

इस साल घटकर करीब 20 लाख टन रह गया है।

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वहीं महाराष्ट्र में करीब 12 लाख टन के आसपास उत्पादन था जो इस साल घटकर 4.50 लाख टन के

करीब रहेगा। तमिलनाडु में भी करीब 30 हजार टन की कटौती रहेगी।

 

वहीं अगर मध्य प्रदेश की बात करें तो कुछ खास अच्छी खबर नहीं आ रही है। हालांकि कि राजस्थान

काफी हद तक ठीक है। यहां पर उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 40 हजार टन ज्यादा रहेगा।

उत्पादन आधा रहने पर प्याज की कीमतें 80 से 100 रुपये के दायरे में बने रहेंगे।

इनकम टैक्स का प्याज कारोबारियों के 100 ठिकानों पर छापा

प्याज की बढ़ती कीमत को देखते हुए इनकम टैक्स अनेक टीमों ने सोमवार को प्याज के कारोबारियों के

ठिकानों पर छापेमारी की गई। अपको बता दें कि इन ​टीमों ने देश भर के कई राज्य दिल्ली, राजस्थान,

गुजरात, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, नागपुर, नासिक और मुंबई आदि राज्यों में 100 से

अधिक ठिकानों पर एक साथ छापे मारी की ताकि प्याज की कारोबारियों के कालाबाजारी पकड़ में आ

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सके। साथ ही प्याज के स्टाक भी चेक किए गए।

प्याज की किमतों को कम करने के लिए स​रकार ने बड़ा कदम उठाया

प्याज के बढ़ते कीमतों को काबू में करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 1 लाख टन प्याज

आयात करने की घोषणा की है। देश की राजधानी दिल्ली सहित कई शहरों पर खुदरा बाजार में

प्याज को मूल्य 100 रूपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुका है।

 

ऐसे में सरकारी स्वामित्व वाली व्यापार कंपनी एमएमटीसी (MMTC) प्याज का आयात करेगी,

जबकि सहकारी संस्था नैफेड (NAFED) घरेलू बाजार में इसकी आपूर्ति करेगी। हालांकि इस पर

अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है कि प्याज कब तक आयात होगा।

 

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