आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव में अलग ही रंग में

रंगे नजर आए मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम

रायपुर। नवा रायपुर के सेक्टर-24 स्थित साउथ सेंट्रल पार्क में आयोजित राज्य स्तरीय शहीद वीर नारायण

सिंह स्मृति आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव में रविवार को मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आदिवासी कलाकारों

के साथ मांदर और तिरडुडी वाद्य यंत्र बजाने के साथ बस्तरिहा तीर-कमान भी साधा।

 

आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत राज्य गीत

अरपा पैरी के धार के साथ हुई। इस दौरान मंत्री प्रेमसाय सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगे कि छत्तीसगढ़ की

सरकार है। यहां के नृत्य को समर्थन देने के लिए राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य का आयोजन किया जा रहा है।

 

उन्होंने कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है हरेली से लेकर तीज त्योहार को मनाया गया, जिसे

पहले कभी नहीं मनाया गया था। छत्तीसगढ़ आदिवासी बाहुल्य प्रदेश है। उनका कल्चर आदिवासियों का

See also  सरस्वती नगर रेलवे स्टेशन जोगी की देन, जब कलेक्टर में छिपे छात्र नेता की पहल पर डीआरएम को बदलना पड़ा था अपना फैसला

पहनावा यहां की लोक संस्कृति से जुड़ा हुआ है। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है यहां की मुख्य फसल धान है, और

बोवाई से लेकर कटाई तक का दृश्य आदिवासी नृत्य में दिखाया जाएगा।

 

श्री टेकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरगुजा का कर्मा नृत्य और बस्तर का कर्मा नृत्य अलग है। देश में जहां भी

आदिवासी रहते हैं, चाहे असम हो या बंगाल में या राजस्थान वहां की संस्कृति की छटा छत्तीसगढ़ में बिखेरी

जाएगी। छत्तीसगढ़ को मिलाकर 22 राज्यों के लोग आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल होंगे। इसके अलावा

विदेशों से भी लगभग 6 दलों की टीम महोत्सव में शामिल होंगी।

 

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें 

Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें। 

एक ही क्लिक में पढ़ें  The Rural Press की सारी खबरें।