टीआरपी डेस्क। इराक के बगदाद इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर अमेरिकी हमले में टॉप कमांडर जनरल कासिम

सुलेमानी के मारे जाने से ईरान हैरान है। अमेरिका ने इस मिशन को बिना सेना के सीधे इस्तेमाल के इतने गोपनीय

और अचूक हथियार के जरिए अंजाम दिया कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़ी कुद्स फोर्स के चीफ सुलेमानी

को बचने को कोई मौका नहीं मिल पाया।

 

हमले में इराक में ईरान समर्थित पैरामिलिट्री फोर्स के प्रमुख अबू मेहंदी अल मुहंदीस समेत 8 लोग भी मारे गए।

दरअसल सुलेमानी पर यह हमला अमेरिका ने हजारों फीट ऊपर से किया था। जानिए अमेरिका के उस हवाई

‘ब्रह्मास्त्र’ के बारे में जिसका इस्तेमाल सुलेमानी को मारने के लिए किया गया।

 

सुलेमानी पर जानलेवा वार के लिए इस्तेमाल हुए अमेरिका के इस अचूक हथियार का नाम है MQ-9 रीपर ड्रोन।

यह बेहद उन्नत किस्म का टोही और लक्ष्यभेदी ड्रोन है। इस ड्रोन की खास बात यह है कि यह जासूसी में जितना

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माहिर है, उतना ही खतरनाक हवाई हमले करने में भी है। दरअसल, अमेरिका ने पहली बार ईरानी जनरल

कासिम सुलेमानी पर इस ड्रोन का इस्तेमाल नहीं किया है। इससे पहले भी दुश्मनों को निशाना बनाने के लिए

इसका इस्तेमाल हो चुका है।

जानें पूरी खूबियां….

 

 

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