टीआरपी डेस्क। एयर इंडिया के विनिवेश के लिए बने मंत्री समूह की मंगलवार को हुई बैठक में

एयर इंडिया के विनिवेश के लिए फिर से एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट यानी अभि‍रुचि पत्र आमंत्रित करने

को मंजूरी दे दी है। अब एयर इंडिया की बिक्री के लिए अभि‍रुचि पत्र एक बार फिर से आमंत्रित किया

जाएगा। बता दें कि मंत्री समूह की बैठक में गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे।

 

0.क्यों बना है GoM

गौरतलब है कि पिछले साल जुलाई में इस समूह से परिवहन मंत्री नितिन गडकरी बाहर हो गए थे और

उनकी जगह अमित शाह को शामिल कर समूह की कमान दी गई थी। इस समिति को यह तय करना

है कि एयर इंडिया की बिक्री का तरीका क्या हो।

0.फिलहाल 58 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज

करीब 58 हजार करोड़ के कर्ज में दबी एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2018-19 में 8,400 करोड़ रुपए का

जबरदस्त घाटा हुआ है। एयर इंडिया को ज्यादा ऑपरेटिंग कॉस्ट और विदेशी मुद्रा में घाटे के चलते

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भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। इन हालातों में एयर इंडिया तेल कंपनियों को ईंधन का बकाया

नहीं दे पा रही है।

 

हाल ही में तेल कंपनियों ने ईंधन सप्लाई रोकने की भी धमकी दी थी लेकिन फिर सरकार के हस्तक्षेप से

ईंधन की सप्लाई को दोबारा शुरू कर दिया गया था। केंद्र सरकार, एयर इंडिया में अपनी 100 फीसदी

हिस्सेदारी को बेचने जा रही है।

 

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