मुंबई। एडलवाइज ग्रुप के को-फाउंडर और चेयरमैन रशेश शाह से 2000 करोड़ रुपए के विदेशी मुद्रा एक्सचेंज घोटाले के सिलसिले में पूछताछ होगी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शाह को 9 जनवरी को पेश होने का समन भेजा था, लेकिन उन्होंने अगली तारीख मांगी। ईडी ने नए सिरे से समन जारी कर दिया है। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से शुक्रवार को यह जानकारी दी।

कुछ अन्य कंपनियां भी जांच के दायरे में हैं: रिपोर्ट

यह मामला ठाणे स्थित कंपनी कैपस्टोन फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक कैपस्टोन पर आरोप है कि उसने पर्यटकों की फर्जी सूचियां बनाकर विदेशों में रकम ट्रांसफर की। एडलवाइज ग्रुप की कंपनियों ने कैपस्टोन को डॉलर खरीदने के लिए चेक जारी किए। कैपस्टोन ने जो डॉलर खरीदे वे फर्जी कंपनियों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में रकम निकाल ली गई। इस मामले में कुछ अन्य कंपनियों पर भी कैपस्टोन को क्रेडिट मुहैया करवाने के आरोप हैं। ऐसी कंपनियों से भी पूछताछ होगी।

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इस मामले में एडलवाइज ग्रुप ने शुक्रवार को ईडी के समन की पुष्टि की, लेकिन आरोपों से इनकार किया। एडलवाइज का कहना है कि उसकी किसी कंपनी का कैपस्टोन फॉरेक्स से कोई लेना-देना नहीं है। ग्रुप की ओर से जारी बयान में कहा गया- हम अज्ञात स्त्रोतों पर आधारित रिपोट्र्स को खारिज करते हैं। ऐसे अनाधिकृत आरोप चौंकाने वाले हैं।

 

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