रायपुर। सरकारी अस्पतालों में दो पालियों में शुरू की गई ओपीडी सुविधा को लेकर डाक्टर और स्वास्थ्य विभाग आमने सामने आ गए हैं।

 

हड़ताली डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई:

सरकारी अस्पतालों में दो पालियों में शुरू हुई ओपीडी की सुविधा पर चिकित्सकों ने शाम की ओपीडी का बहिष्कार करते हुए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की।

हालांकि प्रदेशभर में इसका आंशिक असर ही देखने को मिला। वहीं कुछ स्थानों पर चिकित्सक तो पहुंचे, लेकिन घंटेभर सेवा देकर अस्पताल में ताला जड़ कर निकल लिए।

इधर सरकार फैसले और जनकल्याणकारी फैसले को लेकर जिस तरह से चिकित्सक विरोध कर रहे हैं, ऐसी चिकित्सकों की सूची बनाकर सरकार कार्रवाई करने की तैयारी में है।

मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग विरोध करने वाले चिकित्सकों की सूची मंगा रही है, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई कर सके।

पहले मैनपॉवर बढ़ाए फिर ओपीडी छत्तीसगढ़ इन सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. इकबाल हुसैन ने कहा कि बिना किसी व्यवस्था या मैनपॉवर बढ़ाए दोनों पालियों में ओपीडी की सेवा लागू कर तो कर दी गई, लेकिन इसके चलते सरकारी डॉक्टरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।

स्वास्थ्य मंत्री और सचिव को भी दिक्कतों के बारे में अवगत कराया गया, लेकिन हमारी स्थिति को समझने को तैयार ही नहीं है।

इसके चलते प्रदेशभर में सोमवार से शाम की ओपीडी का बहिष्कार किया गया।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के लगभग हजार सरकारी चिकित्सकों ने इसमें समर्थन करते हुए विरोध दर्ज कराया है।

सरकार द्वारा मांगें नहीं मानी गई तो 16 जनवरी से आपात सेवा का भी बहिष्कार किया जाएगा।

 

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