जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में मंगलवार को पहली बार तोप का परीक्षण हुआ। खमरिया की फायरिंग रेंज में सारंग गन का परीक्षण किया गया। सारंग गन की क्षमता

30 किमी से ज्यादा है, परीक्षण में 4 फायर किए गए, जिसमें 15 डिग्री, फिर 0 डिग्री, फिर 15 डिग्री पर फायर हुए। अब यह गन सेना को सौंपी जाएगी।

अब युद्ध में बिना सामने आए दुश्मन को निशाना बनाना होगा आसान

सेना के अधिकारियों ने बताया कि लांग प्रूफ रेंज (एलपीआर) खमरिया में अपग्रेड सारंग तोप का पहला परीक्षण किया गया है। एलपीआर कमांडेंट निश्चय राऊत के नेतृत्व में वीएफजे और जीसीएफ में बनी सारंग तोप का परीक्षण किया। तोप की मारक क्षमता 27 किलोमीटर से बढ़कर 39 किलोमीटर की गई है।

रक्षा मंत्रालय की ओर से जबलपुर वीएफजे को सारंग तोपों को अपग्रेड करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद जबलपुर वीएफजे के गन शॉप के कर्मचारियों ने 3 सारंग तोपों को 15 दिन के अंदर ही अपग्रेड कर दिया था। आयुध निर्माण कानपुर से इसके लिए नए 155 एमएम बैरल मंगवाए गए और 130 एमएम बैरल को हटाया गया।

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सारंग तोप के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि अब इसे केवल दो लोग ही चला सकते हैं। इसकी मारक क्षमता भी और सटीक हो गई है। अब युद्ध में बिना सामने आए दुश्मन को निशाना बनाना आसान होगा।

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