देशभर में पाकिस्तानी व चीनी नागरिकों की ऐसी 9 हजार से ज्यादा प्रॉपर्टी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार देश में शत्रुु संपत्ति बेचने की तैयारी कर रही है। देशभर में 9,400 शत्रु संपत्तियां हैं और इनको बेचने से एक लाख करोड़ रुपए की कमाई का अनुमान है।

इसे देखते हुए ही सरकार ने दुश्मनों की संपत्तियों का निपटारा करने के लिए तीन उच्च स्तरीय समितियों का गठन करने का निर्णय लिया है। गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक मंत्री समूह दो अन्य समितियों और विक्रय प्रक्रिया की निगरानी करेगा।

मंत्री समूह में शाह के अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी शामिल हैं। एक समिति कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में बनाई गई है, जबकि दूसरी समिति के अध्यक्ष गृह सचिव अजय भल्ला होंगे। गृह मंत्रालय ने आदेश में कहा है कि शत्रु संपत्ति अधिनियम के तहत यह फैसला लिया गया है। यह संपत्ति उन लोगों द्वारा छोड़ी गई है, जिन्होंने पाक या चीन की नागरिकता ले ली है।

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पाकिस्तानियों की सबसे ज्यादा 4,991 संपत्ति उत्तर प्रदेश में

देश में पाकिस्तान के नागरिकों की 9,280 और चीन के नागरिकों की 126 संपत्तियां हैं। पाकिस्तान के नागरिकों की सबसे ज्यादा 4,991 संपत्ति उत्तर प्रदेश में हैं। इसके बाद 2,735 संपत्तियां पश्चिम बंगाल और इसके बाद 487 दिल्ली में हैं। चीनी नागरिकों द्वारा छोड़ी गई सबसे ज्यादा संपत्ति 57 मेघालय में है। इनके अलावा 29 पश्चिम बंगाल और असम में सात हैं।

 

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