बेंगलुरु/शेनझेन। चीन में किसी भारतीय के कोरोना वायरस से संक्रमित होने का पहला मामला सामने आया है। रिपोट्र्स के मुताबिक, भारत की प्रीति माहेश्वरी दो हफ्तों से गंभीर हालत में चीन के गुआंगदोंग प्रांत में स्थित शेनझेन के अस्पताल में भर्ती हैं।

प्रीति शेनझेन के ही इंटरनेशनल स्कूल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में टीचर हैं। उन्हें 11 जनवरी को सांस लेने में परेशानी के चलते शेकोऊ अस्पताल ले जाया गया था। यहां उनके कोरोनावायरस निमोनिया टाइप-1 से संक्रमित होने की बात सामने आई।

बताया जा रहा है कि प्रीति मल्टीपल ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम (मॉड्स) से पीडि़त हैं। उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया है।

क्राउड फंडिंग से जुटाए गए 29.43 लाख रुपए

शेकोऊ अस्पताल के आईसीयू में प्रीति को रेसिपिरेटरी सपोर्ट और वेंटिलेटर पर रखा गया है। खून साफ करने के लिए उनका डायलिसिस भी किया जा रहा है। प्रीति के भाई मनीष थापा ने अपने पोस्ट में लिखा कि उनके इलाज का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है।

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भर्ती होने से लेकर अब तक इलाज में करीब 10 लाख युआन (1 करोड़ रुपए) खर्च हो चुके हैं। मनीष ने प्रीति के इलाज के लिए क्राउडफंडिंग भी की। हालांकि, एक प्राइवेट फर्म के जरिए अब तक 992 दानदाताओं से 29.43 लाख रुपए ही जुटाए जा सके हैं।

हालत में सुधार दिखने के बाद भारत ला सकते हैं

मनीष के मुताबिक प्रीति की हालत में कुछ सुधार जरूर हुआ है, उनकी धड़कनें और एमआरआई सामान्य हैं। हालांकि, वे अभी भी क्रिटिकल लाइफ सपोर्ट पर हैं यानी उनके ठीक होने में समय लगेगा।

मनीष का कहना है कि परिवार प्रीति का इलाज भारत में कराने के बारे में भी सोच रहा है। हालांकि, उन्हें भारत लाने से पहले उनकी रिकवरी जरूरी है। इस मामले में भारत सरकार से बात की है।

प्रीति के पति आयुष्मान कोवल के मुताबिक, डॉक्टरों ने प्रीति की खराब हालत को देखते हुए शुक्रवार को अस्पताल के आईसीयू वार्ड में रखा था। प्रीति फिलहाल बेहोश है। डॉक्टर परिवारवालों को प्रीति की देखरेख के लिए सिर्फ कुछ ही घंटे दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि प्रीति को ठीक होने में अभी लंबा समय लग सकता है।

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